–प्राचार्य पर उदासीनता के आरोप
मुंगेली। जिले के प्रतिष्ठित सेंट जेवियर्स स्कूल में नए शिक्षण सत्र की शुरुआत के बावजूद कॉमर्स संकाय के लिए शिक्षक की नियुक्ति नहीं होने से 50 से अधिक छात्र-छात्राओं का भविष्य संकट में पड़ गया है। अभिभावकों और विद्यार्थियों का आरोप है कि कई बार शिकायत किए जाने के बावजूद स्कूल प्रबंधन और प्राचार्य ने अब तक कोई ठोस पहल नहीं की है। इससे विद्यार्थियों की पढ़ाई के साथ-साथ कक्षाओं में नियमित उपस्थिति दर्ज कराने जैसी सामान्य व्यवस्थाएं भी प्रभावित हो रही हैं।
जानकारी के अनुसार, स्कूल में पिछले कुछ वर्षों से कॉमर्स संकाय संचालित किया जा रहा है, लेकिन वर्तमान सत्र में अनिवार्य विषयों के लिए नियमित शिक्षक उपलब्ध नहीं हैं। आरोप है कि पूर्व में बीएड प्रशिक्षु शिक्षकों के माध्यम से किसी तरह पढ़ाई कराई जा रही थी, लेकिन उनके जाने के बाद स्थिति और गंभीर हो गई है। ऐसे में छात्र-छात्राओं की नियमित पढ़ाई पूरी तरह प्रभावित हो रही है।
–अभिभावकों में बढ़ रहा आक्रोश
कॉमर्स संकाय के विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों का कहना है कि शिक्षक की अनुपलब्धता के कारण पाठ्यक्रम समय पर पूरा होने की संभावना कम होती जा रही है। उनका कहना है कि कई बार स्कूल प्रबंधन से इस संबंध में शिकायत की गई, लेकिन अब तक कोई सकारात्मक समाधान सामने नहीं आया।
–प्राचार्य पर उदासीनता के आरोप
अभिभावकों का आरोप है कि शिकायतों के बावजूद प्राचार्य ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया। उनका कहना है कि समस्या के समाधान के बजाय उन्हें संतोषजनक जवाब भी नहीं दिया जा रहा है, जिससे अभिभावकों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।
–50 से अधिक विद्यार्थियों का भविष्य दांव पर
वर्तमान में कॉमर्स संकाय के 50 से अधिक विद्यार्थी शिक्षक के अभाव से सीधे प्रभावित हो रहे हैं। विद्यार्थियों का कहना है कि बोर्ड परीक्षा की तैयारी के लिए नियमित अध्यापन आवश्यक है, लेकिन शिक्षक नहीं होने से उनकी पढ़ाई बाधित हो रही है।
–उठ रहे हैं बड़े सवाल
जिले के प्रमुख निजी विद्यालयों में शामिल सेंट जेवियर्स स्कूल की इस स्थिति ने शिक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अभिभावकों का कहना है कि यदि प्रतिष्ठित स्कूलों में भी विषयवार शिक्षक उपलब्ध नहीं हैं, तो गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के दावों पर प्रश्नचिह्न लगना स्वाभाविक है।
अब देखना होगा कि संबंधित शिक्षा विभाग और स्कूल प्रबंधन इस मामले में कब तक आवश्यक कदम उठाते हैं और कॉमर्स संकाय के विद्यार्थियों को नियमित शिक्षक उपलब्ध कराकर उनकी पढ़ाई सुचारु रूप से शुरू कराते हैं।