खंडहर और अनुपयोगी शासकीय भवनों के स्थान पर आधुनिक शॉपिंग कॉम्प्लेक्स बनाने की कार्ययोजना….

नेहरू चौक एवं अन्य स्थानों पर व्यावसायिक परिसर के निर्माण का प्रस्ताव राज्य शासन को भेजने की मांग

बिलासपुर। स्मार्ट सिटी बिलासपुर के हृदय स्थल माने जाने वाले नेहरू चौक और उसके आसपास स्थित अनुपयोगी एवं जर्जर शासकीय भवनों तथा बड़े भूखंडों के बेहतर उपयोग को लेकर नई कार्ययोजना तैयार करने की मांग उठने लगी है। शहर के विकास और राजस्व बढ़ाने के उद्देश्य से इन खंडहरनुमा परिसरों के स्थान पर आधुनिक बहुमंजिला व्यावसायिक कॉम्प्लेक्स एवं आवासीय परिसर विकसित करने का प्रस्ताव राज्य शासन को भेजने की बात कही जा रही है।

जानकारों का मानना है कि नेहरू चौक के आसपास कई शासकीय और अर्धशासकीय भवन वर्षों से या तो खाली पड़े हैं या जर्जर अवस्था में पहुंच चुके हैं। कुछ भवन विभिन्न विभागों के अधिकार क्षेत्र में होने के बावजूद उपयोग में नहीं हैं। ऐसे भूखंड शहर के सबसे महत्वपूर्ण व्यावसायिक क्षेत्र में स्थित होने के कारण इनके समुचित उपयोग से नगर के विकास को नई दिशा मिल सकती है।

प्रस्ताव के अनुसार, इन पुराने भवनों का तकनीकी परीक्षण कर अनुपयोगी एवं खतरनाक संरचनाओं को हटाया जाए और वहां आधुनिक सुविधाओं से युक्त बहुमंजिला शॉपिंग कॉम्प्लेक्स विकसित किए जाएं। इन परिसरों में सैकड़ों दुकानों, कार्यालयों, बैंक, फूड कोर्ट, पार्किंग, लिफ्ट, सुरक्षा व्यवस्था और अन्य नागरिक सुविधाओं का समावेश किया जा सकता है।

विशेषज्ञों का कहना है कि इस परियोजना से स्थानीय व्यापार को बढ़ावा मिलेगा, युवाओं के लिए प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे तथा दुकानों के आवंटन एवं किराये से सरकार को दीर्घकालिक राजस्व प्राप्त होगा। इसके अलावा परियोजना के ऊपरी हिस्से में सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए आधुनिक आवासीय परिसर भी विकसित किए जा सकते हैं, जिससे कार्यालय और आवास एक ही परिसर में उपलब्ध होने से प्रशासनिक कार्यों में भी सुविधा होगी।

शहरी विकास से जुड़े लोगों का सुझाव है कि इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए सार्वजनिक-निजी भागीदारी मॉडल अपनाया जा सकता है। इससे शासन पर वित्तीय भार कम होगा और निर्धारित समय सीमा में गुणवत्तापूर्ण निर्माण कार्य पूरा किया जा सकेगा।

नागरिकों का भी मानना है कि स्मार्ट सिटी की अवधारणा केवल सड़कों और सौंदर्यीकरण तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि अनुपयोगी सरकारी संपत्तियों का बेहतर उपयोग कर शहर की अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने की दिशा में भी ठोस कदम उठाए जाने चाहिए।

यदि राज्य शासन इस दिशा में सकारात्मक निर्णय लेकर विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार कराता है, तो आने वाले वर्षों में नेहरू चौक क्षेत्र आधुनिक व्यावसायिक गतिविधियों का प्रमुख केंद्र बन सकता है। इससे बिलासपुर की आर्थिक गतिविधियों को गति मिलने के साथ-साथ शहर की पहचान भी और अधिक सुदृढ़ होगी।

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