मुंगेली। लोक आस्था और सामाजिक समरसता के प्रतीक लोकदेवता बाबा रामदेवजी महाराज के मंदिर का 16वां स्थापना दिवस आषाढ़ शुक्ल द्वितीया (16 जुलाई) को श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया जाएगा। इस अवसर पर दिनभर धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिनमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है।
आयोजन समिति के अनुसार कार्यक्रम की शुरुआत सुबह 9 बजे बाबा रामदेवजी के अभिषेक, पूजन एवं महाआरती से होगी। इस पूजन के लाभार्थी जगदीशचंद, श्रेणिक एवं डॉ. श्रेयांश पारख परिवार रहेंगे। इसके बाद दोपहर 12:30 बजे से प्रसादी वितरण बाबा के भक्तों के सहयोग से किया जाएगा।
शाम 7 बजे महाआरती आयोजित होगी, जिसमें लाभार्थी बाबा के समस्त भक्तगण रहेंगे। वहीं रात्रि 8:30 बजे से भजन संध्या का आयोजन होगा, जिसमें प्रसिद्ध भजन गायक अमन सोनी एवं उनके साथी बाबा रामदेवजी के भजनों की मनमोहक प्रस्तुति देंगे।
मंदिर स्थापना दिवस महापर्व को सफल बनाने के लिए बाबा रामदेव मंडल के पदाधिकारी, भक्तगण एवं श्रद्धालु तैयारियों में जुटे हुए हैं।
– कौन थे बाबा रामदेवजी?
बाबा रामदेवजी, जिन्हें रामदेव पीर और रूणीचा के धणी के नाम से भी जाना जाता है, राजस्थान के सबसे पूजनीय लोकदेवताओं में से एक हैं। उनका जन्म लगभग 14वीं शताब्दी में राजस्थान के रामदेवरा (रूणीचा), जैसलमेर में हुआ माना जाता है। उनके पिता अजमल जी तंवर और माता मैणादे थीं।
मान्यता है कि बाबा रामदेवजी ने अपने जीवनकाल में जाति-पांति, ऊंच-नीच और भेदभाव का विरोध करते हुए मानव सेवा, समानता और भाईचारे का संदेश दिया। उन्होंने समाज के गरीब, दलित और जरूरतमंद लोगों की सेवा को ही सबसे बड़ा धर्म बताया। यही कारण है कि हिंदू और मुस्लिम दोनों समुदायों के लोग उन्हें समान श्रद्धा से पूजते हैं। मुस्लिम समाज उन्हें रामसा पीर के रूप में भी मानता है।
– रामदेवरा धाम का महत्व
राजस्थान के जैसलमेर जिले में स्थित रामदेवरा धाम देशभर के करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र है। यहां प्रतिवर्ष भाद्रपद शुक्ल द्वितीया से एकादशी तक विशाल मेला आयोजित होता है, जिसमें देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु बाबा के दर्शन के लिए पहुंचते हैं।
श्रद्धालुओं का विश्वास है कि सच्चे मन से बाबा रामदेव जी की आराधना करने पर मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं तथा जीवन में सुख, शांति और समृद्धि का आशीर्वाद प्राप्त होता है।
– श्रद्धा और भक्ति का महापर्व
मुंगेली बाबा रामदेव जी मंदिर में आयोजित होने वाला स्थापना दिवस केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि सामाजिक एकता, सेवा और भक्ति का भी प्रतीक है। आयोजन समिति ने सभी श्रद्धालुओं से कार्यक्रम में शामिल होकर बाबा रामदेवजी का आशीर्वाद प्राप्त करने तथा आयोजन को सफल बनाने की अपील की है।