एक संपादक की कलम से
हर वर्ष मित्रता दिवस आता है और सोशल मीडिया पर शुभकामनाओं, तस्वीरों तथा यादों की बाढ़ आ जाती है। कुछ घंटों के लिए ऐसा लगता है कि दुनिया मित्रता के रंग में रंग गई है। लेकिन प्रश्न यह है कि क्या मित्रता केवल एक दिन का उत्सव है, या जीवन भर निभाने वाला सबसे अनमोल रिश्ता?
इस न्यूज पोर्टल के संपादक होने के नाते प्रतिदिन समाज के अनेक रंग देखने को मिलते हैं। खबरों में सत्ता और विपक्ष की दोस्ती भी दिखती है, स्वार्थ के लिए बने रिश्ते भी सामने आते हैं और संकट की घड़ी में अपने प्राणों की परवाह किए बिना मित्र का साथ निभाने वाले उदाहरण भी मिलते हैं। इन सबके बीच यह स्पष्ट होता है कि सच्ची मित्रता किसी परिचय, पद, प्रतिष्ठा या लाभ की मोहताज नहीं होती।
समय बदल गया है। आज मित्रों की संख्या मोबाइल की संपर्क सूची और सोशल मीडिया के “फ्रेंड लिस्ट” में हजारों तक पहुँच जाती है, लेकिन मुश्किल समय में कंधे पर हाथ रखने वाले लोग बहुत कम मिलते हैं। यही अंतर परिचय और मित्रता के बीच की वास्तविक रेखा है। मित्र वह नहीं जो केवल आपकी सफलता पर ताली बजाए, बल्कि वह है जो आपकी असफलता में भी आपका आत्मविश्वास बनकर खड़ा रहे।
पत्रकारिता ने यह भी सिखाया है कि मित्र वही है जो सच बोलने का साहस रखता हो। जो आपकी गलतियों पर मौन न रहे, बल्कि आपको सही राह दिखाने का प्रयास करे। चापलूसी मित्रता नहीं होती; सच्चा मित्र आपकी कमियों को भी उतनी ही ईमानदारी से बताता है जितनी खुशी से आपकी उपलब्धियों का जश्न मनाता है।
आज के प्रतिस्पर्धी दौर में रिश्ते अक्सर स्वार्थ और सुविधाओं के तराजू पर तौले जाने लगे हैं। ऐसे समय में मित्रता का अर्थ और भी महत्वपूर्ण हो जाता है। यह विश्वास, सम्मान, त्याग और संवेदनशीलता की वह डोर है जो कठिन से कठिन परिस्थितियों में भी नहीं टूटती।
मित्रता दिवस हमें केवल शुभकामनाएँ भेजने का अवसर नहीं देता, बल्कि यह आत्ममंथन करने का भी दिन है कि क्या हम स्वयं किसी के सच्चे मित्र हैं? क्या हमने अपने मित्रों का साथ केवल खुशियों में दिया है, या कठिन समय में भी उनके साथ मजबूती से खड़े रहे हैं?
आइए, इस मित्रता दिवस पर औपचारिक संदेशों से आगे बढ़कर उन रिश्तों को समय दें जो जीवन को अर्थ देते हैं। किसी पुराने मित्र को फोन करें, किसी नाराज़ दोस्त से मनमुटाव दूर करें और उन लोगों का आभार व्यक्त करें जिन्होंने हर परिस्थिति में आपका साथ निभाया।
क्योंकि जीवन की सबसे बड़ी पूंजी धन, पद या प्रसिद्धि नहीं, बल्कि वे सच्चे मित्र हैं जो समय की हर परीक्षा में आपके साथ खड़े रहते हैं।
मित्रता दिवस को शुभकामनाएं….