- कोटा वन परिक्षेत्र का है मामला
बिलासपुर/कोटा। कोटा वन मंडल अंतर्गत दो वर्ष पूर्व कराए गए विभागीय कार्यों में लगे मजदूरों को अब तक मजदूरी का भुगतान नहीं होने का मामला सामने आया है। मजदूरी नहीं मिलने से वन गांवों में निवासरत श्रमिक लंबे समय से भुगतान के लिए विभागीय अधिकारियों के चक्कर काट रहे हैं। श्रमिकों का आरोप है कि काम कराने के बाद भी विभाग उनके पारिश्रमिक के भुगतान को लेकर गंभीरता नहीं दिखा रहा है।
मजदूरों का कहना है कि उन्होंने विभाग के निर्देश पर काम पूरा किया, लेकिन दो साल बीत जाने के बाद भी उन्हें मेहनताना नहीं मिला। भुगतान में देरी को लेकर विभागीय स्तर पर कोई स्पष्ट जवाब नहीं मिलने से ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। वहीं, मजदूरी की राशि के भुगतान में अनियमितता या बंदरबांट की आशंका भी ग्रामीणों द्वारा जताई जा रही है। हालांकि, इसकी पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
– वन मंत्री केदार कश्यप के सामने उठेगा मामला
मामले को लेकर मजदूरों और कुछ पंचायत प्रतिनिधियों ने अब सीधे वन मंत्री केदार कश्यप के समक्ष अपनी शिकायत रखने की तैयारी की है। मंत्री के 19 अगस्त को बिलासपुर आगमन के दौरान श्रमिक अपनी समस्या उनके सामने रखेंगे और संबंधित अधिकारियों से मौके पर ही जवाब-तलब कराने की मांग कर सकते हैं।
मामला वन गांवों में रहने वाले श्रमिकों की मजदूरी से जुड़ा होने के कारण कोटा क्षेत्र के विधायक अटल श्रीवास्तव सहित कांग्रेस के अन्य जनप्रतिनिधियों के भी वन मंत्री से मुलाकात कर विभागीय रवैए से अवगत कराने की संभावना है।
अब नजर इस बात पर है कि वन मंत्री के बिलासपुर आगमन से पहले वन विभाग इस मामले में मजदूरों की लंबित मजदूरी का भुगतान कराता है या फिर श्रमिकों को अपनी फरियाद मंत्री के सामने ही रखनी पड़ेगी। यदि शिकायत वन मंत्री तक पहुंचती है, तो लंबे समय से लंबित मजदूरी और भुगतान प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं को लेकर संबंधित अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग भी उठ सकती है।