तीजा हमारी संस्कृति, आस्था और पारिवारिक खुशहाली का महापर्व-विष्णुदेव साय

  • मुख्यमंत्री की मौजूदगी में बहतराई स्टेडियम में गूंजा तीजा तिहार का उल्लास
    आस्था, संस्कृति और नारी शक्ति का भव्य संगम बना तीजा तिहार समारोह
  • मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने चोरहादेवरी का नाम ‘रामदेवरी’ करने और बेलतरा महोत्सव के लिए ₹30 लाख देने की घोषणा
  • विधायक सुशांत शुक्ला के नेतृत्व में आयोजित समारोह में उमड़ा मातृशक्ति का सैलाब

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ की लोकसंस्कृति, परंपरा, आस्था और मातृशक्ति के सम्मान का महापर्व तीजा तिहार आज बहतराई स्टेडियम में भव्य स्वरूप में साकार हुआ। बेलतरा विधायक श्री सुशांत शुक्ला के नेतृत्व में कमल सखी परिवार भारतीय जनता पार्टी विधानसभा बेलतरा द्वारा आयोजित भव्य तीजा मिलन समारोह में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। मुख्यमंत्री की गरिमामयी उपस्थिति और हजारों की संख्या में पहुंची माताओं-बहनों की सहभागिता ने समारोह को यादगार बना दिया।


इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री श्री अरुण साव, महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े सहित अनेक जनप्रतिनिधियों की गरिमामयी उपस्थिति रही। बहतराई स्टेडियम में आयोजित समारोह में छत्तीसगढ़ी संस्कृति, पारंपरिक वेशभूषा, गीत-संगीत और उत्सवी वातावरण का ऐसा संगम देखने को मिला कि पूरा परिसर तीजा तिहार के उल्लास में डूबा नजर आया।


पारंपरिक वेशभूषा में बड़ी संख्या में पहुंचीं माताओं-बहनों के लिए झूले, मेहंदी, भोजन एवं उपहार की विशेष व्यवस्था की गई थी। बच्चों के लिए भी विभिन्न मनोरंजक गतिविधियां आयोजित की गईं, जिनका उन्होंने उत्साहपूर्वक आनंद लिया।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने तीजा तिहार को माताओं-बहनों की आस्था, प्रेम, त्याग और पारिवारिक समर्पण का पर्व बताते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोकसंस्कृति और परंपराओं में तीजा का विशेष स्थान है। माताएं अपने पति की दीर्घायु और परिवार की सुख-समृद्धि की कामना के साथ श्रद्धापूर्वक व्रत रखती हैं। हमारी सनातन संस्कृति में नारी को सदैव सम्मान और गौरव का स्थान दिया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा और सशक्तिकरण के लिए अनेक महत्वपूर्ण कार्य किए जा रहे हैं। घर-घर शौचालय निर्माण, महिलाओं के नाम राशन कार्ड तथा महतारी वंदन योजना के माध्यम से प्रदेश की 68 लाख से अधिक माताओं-बहनों को अब तक 31 किश्तों की राशि का भुगतान महिलाओं को सम्मान और आर्थिक मजबूती देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं।
उन्होंने कहा कि आज छत्तीसगढ़ की महिलाएं केवल योजनाओं की लाभार्थी नहीं, बल्कि विकास की सक्रिय भागीदार और आत्मनिर्भरता की मिसाल बन रही हैं। प्रदेश में 13 लाख 85 हजार से अधिक महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं। ड्रोन दीदियां आधुनिक तकनीक के माध्यम से स्वरोजगार से जुड़कर प्रतिदिन 6 से 7 हजार रुपए तक की आय अर्जित कर रही हैं। हमारी दीदियां सेंटरिंग प्लेट, ई-रिक्शा सहित अनेक क्षेत्रों में अपनी पहचान बना रही हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं को उद्योगों से जोड़ने और आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए उन्हें प्राथमिकता दी जा रही है तथा 50 प्रतिशत तक सब्सिडी का प्रावधान किया गया है। बस्तर से बिलासपुर तक माताएं और बहनें आत्मनिर्भरता की नई कहानी लिख रही हैं। सरकार का प्रयास है कि विकास की सुविधाएं गांव और घर के नजदीक पहुंचें। वर्ष 2047 तक विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण के संकल्प के साथ प्रदेश की विकास संभावनाओं का लाभ समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता है।
मुख्यमंत्री की घोषणाओं से बेलतरा क्षेत्र में खुशी की लहर
तीजा मिलन समारोह में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बेलतरा क्षेत्र को महत्वपूर्ण सौगात देते हुए बिल्हा विकासखंड के चोरहादेवरी गांव का नाम बदलकर ‘रामदेवरी’ किए जाने की घोषणा की। साथ ही माघी पूर्णिमा के अवसर पर आयोजित होने वाले बेलतरा महोत्सव के लिए 30 लाख रुपए की राशि प्रदान करने की घोषणा भी की।
मुख्यमंत्री की इन घोषणाओं का समारोह में उपस्थित माताओं-बहनों एवं क्षेत्रवासियों ने उत्साहपूर्वक स्वागत किया। विशेष रूप से बेलतरा महोत्सव के लिए मिली राशि को क्षेत्र की लोककला, संस्कृति और परंपराओं को भव्य मंच प्रदान करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना गया।बेलतरा की दाई-बहिनी के उत्साह से अभिभूत हुए मुख्यमंत्री, मंच से मांगा आशीर्वाद
तीजा में दी बड़ी सौगात

मुख्यमंत्री श्री साय ने विधायक सुशांत शुक्ला के प्रति क्षेत्रवासियों के स्नेह और विश्वास की सराहना करते हुए कहा कि बेलतरा की जनता और मातृशक्ति का यह अपार आशीर्वाद विकास कार्यों के लिए नई ऊर्जा देता है। उन्होंने आत्मीय अंदाज में विधायक श्री सुशांत शुक्ला और उनके परिवार पर अपना स्नेह-आशीर्वाद बनाए रखने तथा आगामी समय में भी उन्हें पुनः आशीर्वाद देकर विजयी बनाने का आग्रह उपस्थित जनसमुदाय से किया।

मुख्यमंत्री की इस आत्मीय अपील पर बहतराई स्टेडियम में मौजूद माताओं-बहनों एवं उपस्थित जनसमुदाय ने उत्साहपूर्वक समर्थन व्यक्त किया। पूरा स्टेडियम तालियों और जयघोष से गूंज उठा।

–तीजा छत्तीसगढ़ की संस्कृति और परंपरा का जीवंत प्रतीक : अरुण साव

उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि तीजा छत्तीसगढ़ की समृद्ध संस्कृति और परंपरा से जुड़ा महत्वपूर्ण पर्व है। यह माताओं और बहनों की आस्था, प्रेम, त्याग और पारिवारिक समर्पण का प्रतीक है। ऐसे आयोजन हमारी लोकपरंपराओं को जीवंत रखने के साथ समाज में आत्मीयता और भाईचारे को मजबूत करते हैं।
उन्होंने कहा कि कमल सखी परिवार द्वारा आयोजित यह भव्य तीजा मिलन समारोह छत्तीसगढ़ी संस्कृति और मातृशक्ति के सम्मान का सुंदर उदाहरण है। बड़ी संख्या में महिलाओं की सहभागिता हमारी परंपराओं के प्रति उनके गहरे जुड़ाव और उत्साह को दर्शाती है।

–बेलतरा की मातृशक्ति के सम्मान का संकल्प लेकर आयोजित हुआ तीजा समारोह : सुशांत शुक्ला

बेलतरा विधायक श्री सुशांत शुक्ला ने कहा कि तीजा तिहार केवल एक पर्व नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की माटी, संस्कृति, आस्था और पारिवारिक मूल्यों से जुड़ी हमारी गौरवशाली पहचान है। इस पर्व में माताओं और बहनों की आस्था, त्याग, समर्पण और परिवार के प्रति प्रेम की सुंदर अभिव्यक्ति दिखाई देती है।
उन्होंने कहा कि बेलतरा विधानसभा की मातृशक्ति ने जिस उत्साह और आत्मीयता के साथ इस आयोजन में सहभागिता की, वह हम सभी के लिए गौरव का विषय है। कमल सखी परिवार द्वारा आयोजित यह तीजा मिलन समारोह हमारी संस्कृति और परंपराओं को सहेजने के साथ-साथ उन्हें नई पीढ़ी तक पहुंचाने का एक सार्थक प्रयास है।
श्री शुक्ला ने कहा कि तीजा जैसे पर्व हमें अपनी जड़ों और अपनी संस्कृति से जोड़ते हैं। हमारी माताएं-बहनें परिवार और समाज को संस्कार, प्रेम और एकजुटता की शक्ति प्रदान करती हैं। ऐसे आयोजन उनके सम्मान और उनके योगदान को समर्पित हैं।
उन्होंने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय द्वारा चोरहादेवरी का नाम ‘रामदेवरी’ किए जाने तथा बेलतरा महोत्सव के लिए 30 लाख रुपए की घोषणा के लिए क्षेत्रवासियों की ओर से मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त किया।
विधायक ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार और मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रदेश सरकार महिलाओं के सम्मान, स्वावलंबन और आर्थिक सशक्तिकरण के लिए निरंतर कार्य कर रही है। बेलतरा की मातृशक्ति भी विकास की इस यात्रा में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
गीत-संगीत, झूले और मेहंदी ने बढ़ाई तीजा की रौनक
बहतराई स्टेडियम में आयोजित तीजा मिलन समारोह में पूरे दिन उत्सव का माहौल रहा। माताओं-बहनों के लिए लगाए गए झूले और मेहंदी आकर्षण का प्रमुख केंद्र रहे। स्वादिष्ट भोजन और उपहारों की व्यवस्था ने महिलाओं के उत्साह को और बढ़ाया। बच्चों के लिए आयोजित मनोरंजक गतिविधियों ने समारोह को पारिवारिक उत्सव का स्वरूप दिया।

– गरिमा स्वर्णा दिवाकर की प्रस्तुति पर झूम उठी मातृशक्ति

कार्यक्रम की विशेष प्रस्तुतियों ने समारोह में चार चांद लगा दिए। गरिमा स्वर्णा दिवाकर की शानदार सांस्कृतिक प्रस्तुति ने उपस्थित हजारों माताओं-बहनों को झूमने पर मजबूर कर दिया। गीत-संगीत और मनमोहक प्रस्तुति के बीच पूरा बहतराई स्टेडियम तालियों और उत्साह से गूंज उठा।

कार्यक्रम में विधायक अमर अग्रवाल, धरमलाल कौशिक, सुशांत शुक्ला, श्रीमती भावना बोहरा, श्रीमती मीना अरुण साव, श्रीमती लीलावती तोखन साहू, श्रीमती शशि धर्मजीत सिंह, छत्तीसगढ़ पाठ्यपुस्तक निगम के अध्यक्ष राजा पांडे, महापौर श्रीमती पूजा विधानी, जिला पंचायत अध्यक्ष राजेश सूर्यवंशी, दीपक सिंह, मोहित जायसवाल सहित अन्य जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक तथा बड़ी संख्या में माताएं-बहनें एवं बच्चे उपस्थित रहे।

बेलतरा विधायक सुशांत शुक्ला के नेतृत्व में आयोजित यह भव्य तीजा मिलन समारोह मातृशक्ति के सम्मान, छत्तीसगढ़ की गौरवशाली लोकसंस्कृति और पारिवारिक मूल्यों का उत्सव बनकर सामने आया। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की उपस्थिति और बेलतरा क्षेत्र के लिए की गई महत्वपूर्ण घोषणाओं ने समारोह की गरिमा और बढ़ा दी।

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