सेवा और संकल्प से विकसित भारत की ओर

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 25 वर्षों के सार्वजनिक जीवन पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का विशेष लेख

रायपुर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष सेवा, संकल्प और राष्ट्र निर्माण की अविराम यात्रा के रूप में देखे जा सकते हैं। 7 अक्टूबर 2001 को गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेने के साथ शुरू हुई यह यात्रा आज राष्ट्रीय और वैश्विक स्तर पर भारत की भूमिका में आए बदलावों से जुड़ी हुई है।

गुजरात की कमान संभालने के समय राज्य भुज भूकंप की त्रासदी से जूझ रहा था। इसके बाद गुजरात में बुनियादी ढांचे, निवेश और विकास से जुड़े प्रयासों को गति मिली। वर्ष 2014 में प्रधानमंत्री बनने के बाद नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास’ को शासन के प्रमुख सूत्र के रूप में आगे बढ़ाया।

गरीब और वंचित वर्गों तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए जनधन योजना, आधार और मोबाइल के माध्यम से वित्तीय समावेशन तथा प्रत्यक्ष लाभ अंतरण जैसी व्यवस्थाओं को विस्तार मिला। उज्ज्वला योजना, स्वच्छ भारत मिशन, प्रधानमंत्री आवास योजना और आयुष्मान भारत जैसी योजनाओं ने सामाजिक कल्याण के क्षेत्र में व्यापक हस्तक्षेप किया।

जनजातीय समाज के विकास पर जोर

छत्तीसगढ़ जैसे जनजातीय बहुल राज्य के लिए जनजातीय विकास से जुड़ी पहल विशेष महत्व रखती हैं। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि जनजातीय समाज की संस्कृति, कला और अधिकारों के संरक्षण के साथ विकास की मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में केंद्र सरकार ने कई पहल की हैं।

भगवान बिरसा मुंडा की जयंती को जनजातीय गौरव दिवस के रूप में मनाने का निर्णय, विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूहों के लिए पीएम-जनमन योजना तथा जनजातीय बहुल गांवों में बुनियादी सुविधाओं के विस्तार के लिए धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान जैसी पहलों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि इन प्रयासों का प्रभाव जनजातीय क्षेत्रों में दिखाई दे रहा है।

इंफ्रास्ट्रक्चर और डिजिटल भारत

प्रधानमंत्री मोदी के कार्यकाल की प्रमुख विशेषताओं में देश के इंफ्रास्ट्रक्चर विस्तार को भी शामिल किया गया है। एक्सप्रेसवे, रेलवे, वंदे भारत ट्रेन, हवाई अड्डों और बंदरगाहों के विकास के साथ डिजिटल कनेक्टिविटी को भी गति मिली है।

डिजिटल इंडिया और यूपीआई ने भारत में डिजिटल भुगतान के स्वरूप को बदलने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। सेमीकंडक्टर, अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और ग्रीन एनर्जी जैसे क्षेत्रों में निवेश तथा मेक इन इंडिया और आत्मनिर्भर भारत अभियानों के माध्यम से विनिर्माण और तकनीकी क्षमता बढ़ाने पर जोर दिया गया है।

विकास के साथ विरासत और संस्कृति

प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व से जुड़े प्रमुख विषयों में सांस्कृतिक विरासत भी शामिल रही है। अयोध्या में राम मंदिर निर्माण और रामलला की प्राण-प्रतिष्ठा, काशी विश्वनाथ धाम का विकास, महाकाल लोक सहित विभिन्न धार्मिक और ऐतिहासिक स्थलों के पुनर्विकास को विकास और विरासत के साथ आगे बढ़ने की नीति के उदाहरण के रूप में प्रस्तुत किया गया है।

जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 के प्रावधानों में बदलाव, आतंकवाद के खिलाफ सैन्य कार्रवाई और नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा एवं विकास के प्रयास भी इस अवधि की महत्वपूर्ण घटनाओं में शामिल रहे हैं।

वैश्विक मंच पर भारत

पिछले वर्षों में भारत की वैश्विक भूमिका में विस्तार हुआ है। जी-20 की भारत की अध्यक्षता, ब्रिक्स सहित विभिन्न बहुपक्षीय मंचों पर सक्रिय भागीदारी और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर योग को मिली पहचान को भारत की बढ़ती वैश्विक उपस्थिति के संदर्भ में देखा जाता है।

आज भारत विकसित राष्ट्र बनने के लक्ष्य की ओर आगे बढ़ रहा है। ‘विकसित भारत’ का लक्ष्य केवल आर्थिक प्रगति तक सीमित नहीं, बल्कि बुनियादी सुविधाओं, तकनीक, सामाजिक विकास, सांस्कृतिक विरासत और आत्मनिर्भरता से जुड़े व्यापक उद्देश्यों को समाहित करता है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूरे होने के अवसर पर यह यात्रा सेवा, संकल्प और राष्ट्र निर्माण से जुड़े विभिन्न प्रयासों के संदर्भ में चर्चा का विषय बनी हुई है।

— विष्णु देव साय
(लेखक छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री है)

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