एसईसीएल सीवीओ  हिमांशु जैन ने एनटीपीसी सीपत में अधिकारियों को बताई पारदर्शी खरीद प्रक्रिया की बारीकियां

*निवारक सतर्कता अभियान के तहत आयोजित सत्र में सार्वजनिक खरीद, अनुबंध प्रबंधन और सतर्कता उपायों पर हुई चर्चा*

सार्वजनिक संस्थानों में खरीद प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और प्रभावी बनाने के उद्देश्य से एसईसीएल के मुख्य सतर्कता अधिकारी (सीवीओ) श्री हिमांशु जैन ने शनिवार को एनटीपीसी सीपत में अधिकारियों को सार्वजनिक खरीद प्रक्रिया के विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी। यह सत्र निवारक सतर्कता पर 3 माह के अभियान के तहत आयोजित किया गया।

“सार्वजनिक खरीद : रूपरेखा, प्रक्रिया एवं सत्यनिष्ठा संबंधी सुरक्षा उपाय” विषय पर आयोजित इस सत्र में श्री जैन ने खरीद प्रक्रिया में पारदर्शिता, नियमों के पालन और सतर्कता मानकों की भूमिका पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि किसी भी संस्थान में बेहतर खरीद व्यवस्था के लिए सही योजना, निर्धारित प्रक्रिया का पालन और प्रभावी निगरानी बेहद जरूरी है।

सत्र के दौरान सार्वजनिक खरीद की शुरुआत से लेकर अंतिम चरण तक की प्रक्रिया, विभिन्न चयन पद्धतियां, नीतिगत प्रावधान, अनुबंध प्रबंधन और खरीद प्रक्रिया में अपनाए जाने वाले सतर्कता उपायों पर चर्चा की गई। श्री जैन ने डिजिटल माध्यमों से होने वाली खरीद प्रक्रिया, रिकॉर्ड प्रबंधन और अनुपालन व्यवस्था को मजबूत करने पर भी जोर दिया।

कार्यक्रम में एनटीपीसी सीपत के वरिष्ठ अधिकारियों ने भी भाग लिया। इनमें श्री विजय शंकर दुबे, मुख्य महाप्रबंधक (हेड ऑफ प्रोजेक्ट), एनटीपीसी सीपत; श्री सुरोजित सिन्हा, महाप्रबंधक (ओ एंड एम); श्री अशोक सरकार, महाप्रबंधक (ऑपरेशन एवं एफएम); श्री लिंगम वेंकट रेड्डी, महाप्रबंधक (मेंटेनेंस); डॉ. बैंकिम सामद्दार, महाप्रबंधक (प्रोजेक्ट कंस्ट्रक्शन); श्री संजय प्रसाद दुबे, महाप्रबंधक (सतर्कता), एसईसीएल; श्री कुंदन राठौर, सहायक महाप्रबंधक (सतर्कता); एवं श्री प्रवीण रंजन भारती, वरिष्ठ प्रबंधक (मानव संसाधन/जनसंपर्क/राजभाषा), एनटीपीसी सिपत सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

इस दौरान अधिकारियों ने सार्वजनिक खरीद प्रक्रिया से जुड़े व्यावहारिक पहलुओं और बेहतर कार्यप्रणाली पर भी चर्चा की। एसईसीएल द्वारा इस तरह के जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन संस्थानों में पारदर्शी कार्य संस्कृति, नैतिक कार्यप्रणाली और जवाबदेही को बढ़ावा देने के उद्देश्य से किया जा रहा है।

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