मुंगेली। जिले में जैविक आधारित खेती एवं कृषि प्रशिक्षण का एक दिवसीय आयोजन संपन्न हुआ। कार्यक्रम में प्रांत संयोजक अन्ना सपारे एवं जितेंद्र कुमार साहू मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती एवं भारत माता के पूजन-अर्चन तथा दीप प्रज्वलन के साथ हुआ।
प्रशिक्षण के दौरान मुख्य वक्ता जितेंद्र कुमार साहू ने जैविक खेती के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि जैविक खेती से मिट्टी की उर्वरा शक्ति लंबे समय तक बनाए रखने में मदद मिलती है। उन्होंने रासायनिक खाद एवं कीटनाशकों के अत्यधिक उपयोग से होने वाले संभावित दुष्प्रभावों से बचाव के लिए जैविक विकल्प अपनाने की जानकारी दी। साथ ही गाय के गोबर एवं गोमूत्र के महत्व तथा कृषि में इनके उपयोग की विधि के बारे में विस्तार से बताया।
उन्होंने जैविक कीटनाशक तैयार करने की विधि के साथ-साथ खेती एवं शाकवाटिका में जैविक खाद तैयार करने और उसके उपयोग की प्रक्रिया भी समझाई। प्रशिक्षण के दौरान जैविक खेती को बढ़ावा देने तथा पर्यावरण संरक्षण के प्रति किसानों में जागरूकता बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया।
इस अवसर पर प्रांत संयोजक अन्ना सपारे ने प्रशिक्षण की विशेषताओं एवं उद्देश्यों को सारगर्भित रूप से प्रस्तुत करते हुए किसानों से जैविक आधारित खेती को अपनाने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में जिला संयोजक गौकरण डिंडोले, रामेश्वर प्रसाद साहू सहित तीनों विकासखंडों से जैविक कृषि आधारित खेती एवं प्रशिक्षण से जुड़े विजय यादव, बलराज सिंह ठाकुर, उमेश कुमार साहू, जिलाराम यादव, दीपक कुमार वैष्णव, शिवकुमार टंडन, नंदराम मरकाम, भीष्म नारायण खुसरो, सुभाष चंद्र चतुर्वेदी, धनसिंग दिवाकर, उत्तम सिंह सोलंकी, महेंद्र पटेल, रविकांत मनहर, दीपक ध्रुव, बुद्धू साहू, डालूराम साहू, सालिकराम साहू, गणेश बुनकर, गुमान साहू, धर्मेंद्र जांगड़े सहित अन्य उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का संचालन जिला संयोजक गौकरण डिंडोले ने किया। अंत में लेखराम साहू ने आभार प्रदर्शन किया।