एनटीपीसी सीपत में 20 अक्टूबर 2026 को डॉ. बी. आर. अंबेडकर स्टेडियम में दशहरा पर्व हर्षोल्लास और उत्साह के साथ मनाया गया। इस अवसर पर एनटीपीसी सीपत के परियोजना प्रमुख श्री विजय शंकर दुबे ने उपस्थित जनसमूह को दशहरा पर्व की शुभकामनाएं दीं और सभी को सत्य के मार्ग पर चलने का संदेश दिया। कार्यक्रम में कर्मचारियों, उनके परिवारों और स्थानीय लोगों सहित लगभग 5,000 लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
कार्यक्रम के दौरान बाल भारती पब्लिक स्कूल, एनटीपीसी सीपत के विद्यार्थियों, कर्मचारियों और कलाकारों ने रामलीला का सजीव मंचन किया। इसके माध्यम से भगवान श्रीराम के आदर्शों, मर्यादा और धर्म की विजय का संदेश दिया गया। रामलीला के पश्चात महाआरती हुई, जिसमें पूरा परिसर भक्तिमय वातावरण से गूंज उठा।
इसके बाद परियोजना प्रमुख श्री विजय शंकर दुबे ने रावण दहन किया। रावण के पुतले के दहन के साथ ही पूरा परिसर भगवान श्रीराम के जयकारों से गूंज उठा। आकर्षक आतिशबाजी ने कार्यक्रम की भव्यता को और बढ़ा दिया। उपस्थित लोगों ने असत्य पर सत्य और बुराई पर अच्छाई की विजय का उत्सव हर्षोल्लास के साथ मनाया।
इस आयोजन को सफल बनाने में पूजा समिति का विशेष योगदान रहा। इस अवसर पर श्री अशोक सरकार, महाप्रबंधक (प्रचालन एवं ईंधन प्रबंधन), श्री लिंगम वेंकट रेड्डी, महाप्रबंधक (मेंटेनेंस), डॉ. बंकिम समाद्दार, महाप्रबंधक (प्रोजेक्ट्स), श्री भक्त बत्सल पात्रा, प्रमुख (मानव संसाधन), श्रीमती रेनू दुबे, अध्यक्षा, संगवारी महिला समिति, समिति की अन्य सदस्याएं एनटीपीसी सीपत के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

दशहरा उत्सव के अगले दिन, 21 अक्टूबर 2026 को मां दुर्गा की मूर्ति का विसर्जन किया गया। इस अवसर पर संगीत और पारंपरिक उत्सव के साथ श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। प्रार्थना और भक्ति के माहौल में प्रतिमाओं को विसर्जन स्थल तक ले जाया गया, जहां भावपूर्ण वातावरण में मां दुर्गा को विदाई दी गई। इस दौरान श्रद्धालुओं ने सुख, समृद्धि और सभी के कल्याण की कामना की। विसर्जन कार्यक्रम ने एनटीपीसी सीपत टाउनशिप की समृद्ध सांस्कृतिक परंपराओं और आपसी एकता को दर्शाया।
उल्लेखनीय है कि एनटीपीसी सीपत में 11 अक्टूबर से 19 अक्टूबर 2026 तक नवरात्रि उत्सव का आयोजन किया गया। उत्सव के दौरान प्रतिदिन गरबा का आयोजन हुआ, जिसमें प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया। सामूहिक सहभागिता ने आपसी सौहार्द और एकजुटता का संदेश दिया। नवमी के अवसर पर कन्या पूजन और भोग वितरण का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए।
इन आयोजनों ने भारतीय संस्कृति और परंपराओं के प्रति सम्मान को दर्शाने के साथ-साथ कर्मचारियों, उनके परिवारों और स्थानीय समुदाय के बीच आपसी सद्भाव और एकजुटता को भी बढ़ावा दिया।