कोरबा से जशपुर स्थानांतरित अधिकारी रोहित कुमार सिंह के मामले में 26 अक्टूबर की समय सीमा बीती, सामान्य प्रशासन विभाग की अगली कार्रवाई पर नजर।
- शासन के सख्त आदेश के बावजूद रोहित कुमार सिंह ने नहीं की जशपुर में ज्वाइनिंग
- 23 अक्टूबर को एकतरफा भारमुक्त करने और 26 अक्टूबर तक कार्यभार ग्रहण करने के निर्देश
- सामान्य प्रशासन विभाग के आदेश के पालन पर उठे सवाल
रायपुर/कोरबा/जशपुर। राज्य शासन द्वारा लंबे समय बाद राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों की जंबो स्थानांतरण सूची जारी किए जाने के बाद अब स्थानांतरण आदेशों के पालन को लेकर सवाल उठने लगे हैं। अधिकांश अधिकारियों ने नवीन पदस्थापना स्थलों पर कार्यभार ग्रहण कर लिया है, लेकिन कुछ अधिकारियों द्वारा निर्धारित समयसीमा में ज्वाइनिंग नहीं किए जाने का मामला सामने आया है। इनमें कोरबा से जशपुर स्थानांतरित राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारी रोहित कुमार सिंह (2021 बैच, कनिष्ठ श्रेणी) का मामला भी चर्चा में है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, स्थानांतरण के बाद निर्धारित समय में नवीन पदस्थापना स्थल पर कार्यभार ग्रहण नहीं करने वाले अधिकारियों के संबंध में राज्य शासन के सामान्य प्रशासन विभाग ने संशोधित आदेश जारी किया था। आदेश में संबंधित अधिकारियों को 23 अक्टूबर 2026 को एकतरफा कार्यमुक्त करते हुए 26 अक्टूबर 2026 तक अनिवार्य रूप से नवीन पदस्थापना स्थल पर कार्यभार ग्रहण करने तथा इसकी पालन प्रतिवेदन सामान्य प्रशासन विभाग को तत्काल प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए थे।

~आदेश में स्पष्ट निर्देश, फिर भी ज्वाइनिंग पर सवाल
सामान्य प्रशासन विभाग के आदेश में उल्लेख किया गया है कि स्थानांतरित अधिकारियों द्वारा निर्धारित तिथि तक नवीन पदस्थापना स्थल पर कार्यभार ग्रहण नहीं किए जाने के दृष्टिगत, विभाग के परिपत्र क्रमांक एफ 01-017/2024/एक/6, दिनांक 25 नवंबर 2024 के तहत संबंधित अधिकारियों को 23 अक्टूबर 2026 को एकपक्षीय रूप से कार्यमुक्त किया जाता है। साथ ही, 26 अक्टूबर 2026 तक अनिवार्य रूप से नवीन पदस्थापना स्थल पर कार्यभार ग्रहण कर पालन प्रतिवेदन तत्काल प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।
इसके बावजूद, उपलब्ध जानकारी के अनुसार, कोरबा से जशपुर स्थानांतरित रोहित कुमार सिंह ने निर्धारित समयसीमा 26 अक्टूबर 2026 तक जशपुर जिले में कार्यभार ग्रहण नहीं किया है। यदि यह तथ्य आधिकारिक अभिलेखों से पुष्ट होता है, तो मामला शासन के स्पष्ट निर्देशों के अनुपालन को लेकर गंभीर सवाल खड़े करता है।
~मुख्यमंत्री के गृह जिले में पदस्थापना, प्रशासनिक अमले की नजर
जशपुर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का गृह जिला है। ऐसे में जिले में पदस्थापना के लिए जारी स्पष्ट निर्देशों के बावजूद संबंधित अधिकारी की ज्वाइनिंग नहीं होने का मामला प्रशासनिक हलकों में चर्चा का विषय बन सकता है। हालांकि, अधिकारी द्वारा निर्धारित समयसीमा में कार्यभार ग्रहण नहीं करने के पीछे कोई कारण, अनुमति अथवा विभागीय स्थिति है या नहीं, इसकी आधिकारिक पुष्टि होना अभी आवश्यक है।
~अब कार्रवाई पर टिकी निगाहें
शासन द्वारा एकतरफा भारमुक्त किए जाने और नवीन पदस्थापना स्थल पर अनिवार्य रूप से कार्यभार ग्रहण करने के निर्देश जारी किए जाने के बाद अब सामान्य प्रशासन विभाग की अगली कार्रवाई पर निगाहें टिकी हैं। यदि निर्धारित समयसीमा में ज्वाइनिंग नहीं करने की पुष्टि होती है और अनुपस्थिति के संबंध में कोई अधिकृत अनुमति या स्वीकार्य कारण नहीं मिलता है, तो शासन नियमानुसार संबंधित अधिकारी के विरुद्ध कार्रवाई पर विचार कर सकता है।
फिलहाल यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि सामान्य प्रशासन विभाग इस मामले में क्या रुख अपनाता है और क्या संबंधित अधिकारी से स्पष्टीकरण मांगा जाता है अथवा शासन के आदेश का पालन सुनिश्चित कराने के लिए कोई अन्य प्रशासनिक कदम उठाया जाता है।