रायपुर। राज्य में औद्योगिक विकास को नई दिशा देने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल करते हुए जिंदल स्टील छत्तीसगढ़ लिमिटेड और छत्तीसगढ़ सरकार के बीच एक महत्त्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। इस एमओयू के तहत राज्य में 7.5 मिलियन टन प्रति वर्ष (एमटीपीए) क्षमता वाले एक इंटीग्रेटेड स्टील प्लांट, 2400 मेगावॉट क्षमता के थर्मल पावर प्लांट (3x800MW) तथा 500 मेगावॉट के सोलर पावर प्लांट की स्थापना प्रस्तावित है। इस समूची परियोजना में कुल 75,000 करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा।
एमओयू हस्ताक्षर समारोह में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय, वाणिज्य एवं उद्योग विभाग के सचिव एवं राज्य निवेश प्रोत्साहन बोर्ड के संयोजक श्री रजत कुमार सहित उद्योग जगत के अनेक वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

मुख्यमंत्री श्री साय ने इस अवसर को राज्य के औद्योगिक विकास की दिशा में एक मील का पत्थर बताया और कहा कि यह निवेश न केवल राज्य की आर्थिक मजबूती में सहायक सिद्ध होगा, बल्कि युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी सृजित करेगा।
जिंदल समूह की ओर से श्री प्रदीप टंडन ने कहा, “हम छत्तीसगढ़ में औद्योगिक अधोसंरचना को सुदृढ़ करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं। यह परियोजना न केवल उच्च गुणवत्ता वाले स्टील उत्पादन को सुनिश्चित करेगी, बल्कि स्थानीय समुदाय के विकास में भी महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।”
राज्य सरकार का मानना है कि इस प्रकार के निवेश राज्य को एक वैश्विक औद्योगिक केंद्र के रूप में स्थापित करने के लक्ष्य की दिशा में निर्णायक कदम हैं।
बताया गया है कि स्टील प्लांट, थर्मल पावर और सोलर पावर प्रोजेक्ट से संबंधित निर्माण कार्य शीघ्र प्रारंभ होंगे। इस परियोजना से राज्य की औद्योगिक तस्वीर में एक नया अध्याय जुड़ने की उम्मीद है, जो न केवल आर्थिक विकास को गति देगा बल्कि जनसामान्य के जीवन स्तर को भी बेहतर बनाएगा।