

रायपुर/बिलासपुर। हालांकि छत्तीसगढ़ में अब स्थानान्तरण प्रतिबंध हटने के बाद भले ही लोगों के आवश्यकता अनुसार ट्रांसफर हो रहे है मगर एक विभाग एक ऐसा है जहां कोई भी पद स्थानांतरित करने का रिमोट राजधानी रायपुर न होकर बिलासपुर के एक नेतानुमा सख्शियत के पास सुरक्षित रहने की चर्चा लंबे समय से हो रही है बावजूद न विभाग के मंत्री न ही जरूरत मंद लोगो के स्थानांतरण की अर्जी महत्वपूर्ण है बल्कि यहां इस नेतानुमा सख्स के अप्रत्यक्ष अनुमोदन के बाद किसी ट्रांसफर को अंजाम दिया जाता है। लंबे समय से चल रही ये घटनाक्रम की शिकायत और विशेष जांच के लिए अब पीड़ित व अन्य जागरूक लोग साक्ष्य के लिए फोन टेप ऑडियो, लंबित मेडिकल व अन्य कारणों से स्थानान्तरण के अर्जी की नकल सहित कुछ आर्थिक भ्रष्टाचार के साक्ष्य जुटा मुख्यमंत्री कार्यालय व पीएमओ में देने की तैयारी की जा रही है जिससे ट्रांसफर उद्योग का एक बड़ा खुलासा व अनैतिक हस्तक्षेप एक्सपोज हो।
जानकारी के अनुसार, अभी तक संबंधित विभाग के जो भी ट्रांसफर हुए हैं उनमें सभी जिलों में एक व्यक्ति विशेष का अप्रत्यक्ष हस्तक्षेप रहा है। यह विभाग ऐसा विभाग है जिनका गांव-गांव,शहर के हर मुहल्ले से ताल्लुक है।बावजूद संबंधित मंत्रालय इस व्यक्ति विशेष के समक्ष नतमस्तक जैसा दिखाई दे रहा है। जिससे यह भी चर्चा है कि संबंधित विभाग में ट्रांसफर उद्योग के सहारे खुलेआम करोड़ो रूपये वारे न्यारे किए गए हैं।
बता दें इस विभाग में ऐसे तबादले उद्योग को लेकर काफी बवाल मचा हुआ है शीघ्रता से ऑडियो रिकॉर्ड व पीड़ितों की शिकायत खुलासा करने की तैयारी भी है। था खुलासे से पहले अब देखना यह भी है कि आगामी विधानसभा चुनाव व चार साल से अनवरत किसी एक व्यक्तिविशेष के हस्तक्षेप पर स्वयं सरकार क्या निर्णय लेकर कार्यवाही करती है उम्मीद की जा रही है कि सरकार के ध्यान में लाने के बाद ऐसी सभी अनियमितताओं पर अब विराम लग सकेगा।
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