रानी दहरा जलप्रपात हादसे के बाद सख्त हुए प्रशासनिक कदम, सुरक्षा के लिए लागू किए गए नए नियम

रानी दहरा जलप्रपात में हाल ही में एक युवक के लापता होने और उसके बाद शव मिलने की घटना ने प्रशासन को सतर्क कर दिया है। घटना के तुरंत बाद कलेक्टर गोपाल वर्मा ने मौके का निरीक्षण किया और 24 घंटे निगरानी सहित कई कड़े सुरक्षा उपाय तत्काल प्रभाव से लागू कर दिए हैं।

वहीं, प्रदेश के उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने भी घटना पर गहरी चिंता जताते हुए सभी प्रमुख पर्यटन स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता करने के निर्देश दिए हैं।

नए सुरक्षा दिशा-निर्देशों के तहत:

बिना अनुमति जलप्रपात क्षेत्र में प्रवेश पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा।

प्रत्येक आगंतुक का नाम और पता दर्ज किया जाएगा।

शाम 5 बजे के बाद प्रवेश वर्जित रहेगा, और 5:30 बजे तक सभी पर्यटकों की वापसी अनिवार्य होगी।

गहरे पानी में स्नान, खतरनाक स्थानों पर सेल्फी लेना अब सख्त रूप से प्रतिबंधित कर दिया गया है।

चेतावनी बोर्ड, बैरिकेडिंग की मरम्मत और जागरूकता स्लोगन लगाने के निर्देश दिए गए हैं।

जलप्रपात क्षेत्र में मदिरा सेवन और नशीले पदार्थों का सेवन पूर्णतः वर्जित रहेगा। पुलिस और आबकारी विभाग को क्षेत्र में नियमित पेट्रोलिंग और सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।

वन विभाग और नगर सैनिकों की 24 घंटे की ड्यूटी तय की गई है। पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए प्लास्टिक सामग्री के उपयोग और आग जलाने पर प्रतिबंध लगाया गया है।

घटनास्थल पर रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान कलेक्टर गोपाल वर्मा ने युवक के परिजनों से मुलाकात कर संपूर्ण जानकारी ली। प्रशासन द्वारा फिलहाल लापता युवक का शव बरामद कर लिया गया है।

उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने स्पष्ट कहा है कि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सुरक्षा उपायों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए और किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं बरती जाए।

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