राजनांदगांव, 06 अगस्त — छत्तीसगढ़ की बहुप्रतीक्षित “रामलला दर्शन योजना” के अंतर्गत आज दुर्ग एवं बस्तर संभाग के श्रद्धालुओं को लेकर अयोध्या धाम के लिए विशेष ट्रेन का शुभारंभ हुआ। माननीय विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह एवं छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के अध्यक्ष श्री नीलू शर्मा ने राजनांदगांव रेलवे स्टेशन से प्रातः 11:30 बजे इस विशेष ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
प्रस्थान के अवसर पर श्रद्धालुओं में अपार उत्साह देखने को मिला। राजनांदगांव रेलवे स्टेशन प्रभु श्रीराम के जयकारों से गूंज उठा। परिजन एवं मित्रगण अपने तीर्थयात्री प्रियजनों को भावभीनी विदाई एवं मंगलमय यात्रा की शुभकामनाएं देते दिखे। ट्रेन रवाना होने से पूर्व यात्रियों का पारंपरिक लोकनृत्यों एवं लोकवाद्यों के साथ भव्य स्वागत किया गया। आईआरसीटीसी के प्रतिनिधियों ने सभी यात्रियों का तिलक कर सम्मान किया।

राजनांदगांव से यात्रियों को लेकर यह विशेष ट्रेन दुर्ग रेलवे स्टेशन पहुँची, जहां शेष श्रद्धालुओं के स्वागत व विदाई हेतु प्रमुख जनप्रतिनिधि एवं प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे, जिनमें —
दुर्ग विधायक श्री गजेंद्र यादव
दुर्ग ग्रामीण विधायक श्री ललित चन्द्राकर
अहिवारा विधायक श्री डोमन कोर्सेवाड़ा
महापौर दुर्ग श्रीमती अल्का बाघमार
जिला पंचायत अध्यक्ष दुर्ग श्रीमती सरस्वती बंजारे
जिलाध्यक्ष भाजपा दुर्ग श्री सुरेन्द्र कौशिक
संभागायुक्त दुर्ग श्री सत्यनारायण राठौर
कलेक्टर दुर्ग श्री अभिजीत सिंह
आयुक्त नगर निगम दुर्ग श्री सुमित अग्रवाल
मुख्य कार्यपालन अधिकारी दुर्ग श्री बजरंग दुबे
शामिल रहे।
दुर्ग संभाग के यात्रियों हेतु निर्धारित यह विशेष ट्रेन, श्री नीलू शर्मा के प्रयासों से अब राजनांदगांव से भी संचालित की जा रही है, जिससे स्थानीय श्रद्धालुओं को भी सीधा लाभ मिल रहा है। आज का दिन तीर्थयात्रियों, नागरिकों एवं भाजपा कार्यकर्ताओं के लिए अत्यंत गौरवपूर्ण और भावनात्मक रहा।
योजना की पृष्ठभूमि
राज्य सरकार के घोषणा पत्र के अनुसार, प्रदेशवासियों को जीवन में एक बार प्रभु श्रीरामलला के दर्शन (अयोध्या धाम) कराने के उद्देश्य से 23 फरवरी 2024 को छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल एवं आईआरसीटीसी के बीच एमओयू हस्ताक्षरित हुआ।
प्रथम विशेष ट्रेन 05 मार्च 2024 को रायपुर से माननीय मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय द्वारा रवाना की गई।
तत्पश्चात 11 मार्च को बिलासपुर, 19 जून को सरगुजा एवं 26 जून को दुर्ग-बस्तर (संयुक्त) से प्रथम ट्रेनें रवाना हुईं।
अब तक लगभग 25,500 श्रद्धालुओं को दर्शन का लाभ मिल चुका है।