“फ्लुओरो-शील्ड एसी सिस्टम” नवाचार से पर्यावरण संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम
खंडवा : चाइल्ड एजुकेशन सोसायटी, दिल्ली एवं मध्य प्रदेश पावर जेनरेशन कंपनी लिमिटेड के संयुक्त तत्वावधान में संचालित बाल भारती पब्लिक स्कूल, खंडवा की नवमी कक्षा की प्रतिभाशाली छात्रा अनुश्री अनुरागी को इंस्पायर अवार्ड – मानक योजना वर्ष 2024–25 के अंतर्गत आयोजित राष्ट्रीय स्तरीय विज्ञान प्रदर्शनी/प्रतियोगिता के लिए चयनित किया गया है। अनुश्री का यह चयन जिले ही नहीं, समूचे प्रदेश के लिए गर्व का विषय बना हुआ है।
अनुश्री ने विज्ञान प्रदर्शनी में “फ्लुओरो-शील्ड एसी सिस्टम” शीर्षक से एक अभिनव मॉडल प्रस्तुत किया, जिसे निर्णायक मंडल द्वारा अत्यंत सराहना प्राप्त हुई। यह मॉडल एयर कंडीशनर से उत्सर्जित होने वाली हानिकारक सीएफसी (CFCs) गैसों को नियंत्रित करने की तकनीक पर आधारित है। प्रस्तावित प्रणाली में कैल्शियम क्लोराइड और सेलुलोज एसीटेट स्ट्रिप्स के माध्यम से सीएफसी गैसों को अवशोषित कर उन्हें कैल्शियम फ्लोराइड जैसे उपयोगी उप-उत्पाद में परिवर्तित किया जाता है।
यह प्रक्रिया न केवल ओजोन परत को क्षति पहुँचाने वाली गैसों के प्रभाव को कम करती है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में एक विकल्पीय, किफायती एवं पर्यावरण-अनुकूल तकनीक के रूप में संभावनाएँ भी प्रस्तुत करती है। यह प्रोजेक्ट ज़िला स्तर पर चयनित होने के उपरांत मिनिस्ट्री ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी द्वारा प्राप्त दस हज़ार रुपए की प्रोत्साहन राशि की सहायता से राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में इंदौर में प्रदर्शित किया गया और राष्ट्रीय स्तर के लिए चयनित हुआ।
विद्यालय की प्राचार्या ज्योति गुप्ता ने अनुश्री को बधाई देते हुए कहा कि यह उपलब्धि उनकी कठोर मेहनत, विद्यालय की नवाचार-आधारित शिक्षा एवं वैज्ञानिक दृष्टिकोण के विकास के प्रति संस्थान की प्रतिबद्धता का प्रतिफल है। उन्होंने छात्रा के उज्ज्वल भविष्य की मंगलकामनाएँ व्यक्त कीं।
विद्यालय के चेयरमैन एल. वी. सहगल, वाइस चेयरमैन आर. डी. शर्मा एवं सेक्रेटरी मैनेजर पूनम डोगरा ने भी अनुश्री को शुभकामनाएँ देते हुए आशा व्यक्त की कि भविष्य में भी वह इसी प्रकार विद्यालय, शहर एवं प्रदेश का नाम रोशन करती रहेंगी।
अनुश्री अनुरागी की इस अभूतपूर्व उपलब्धि से विद्यालय एवं समूचे खंडवा जिले में हर्ष एवं गौरव का वातावरण व्याप्त है। यह सफलता न केवल अनुश्री के उज्ज्वल भविष्य का संकेत है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों को विज्ञान एवं नवाचार के क्षेत्र में नई दिशा प्रदान करने की प्रेरणा भी है।