मुंगेली। छत्तीसगढ़ में लम्बे समय से गैरहाजिर चल रहे शिक्षकों के खिलाफ़ कार्रवाई का सिलसिला चल रहा है। बुधवार को ऐसे ही मामले में राजनांदगांव के एक शिक्षक की सेवा समाप्त कर दी गई थी।
गुरूवार को एक नया मामला सामने आया है। मुंगेली जिले में भी लम्बे समय से गैरहाजिर चल रहे एख शिक्षक को बर्खास्त करने का आदेश जारी हो गया है।
मिली जानकारी के मुताबिक कलेक्टर कुन्दन कुमार के निर्देश पर जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी प्रभाकर पाण्डेय ने विकासखंड मुंगेली के शासकीय प्राथमिक शाला चकरभाठा में पदस्थ सहायक शिक्षक पंचायत रितेश अग्रवाल को लंबे समय तक बिना सूचना के अनुपस्थित रहने के कारण सेवा से बर्खास्त कर दिया है।
यह निर्णय सामान्य प्रशासन समिति की बैठक में विभागीय जांच रिपोर्ट के आधार पर लिया गया।
सहायक शिक्षक पंचायत रितेश अग्रवाल 13 सितंबर 2013 से लगातार स्कूल से अनुपस्थित पाए गए थे। उनकी लगातार अनुपस्थिति की सूचना पर कलेक्टर कुन्दन कुमार के निर्देश पर जनपद सीईओ से जांच करवाई गई थी।
जनपद पंचायत मुंगेली द्वारा कराई गई विभागीय जांच में यह स्पष्ट हुआ कि रितेश अग्रवाल अपनी नियुक्ति के बाद से भी समय-समय पर अनुपस्थित रहते थे।
जांच के दौरान, सुनवाई का अवसर दिए जाने के बावजूद, वे कोई संतोषजनक उत्तर और अपनी उपस्थिति दर्ज नहीं करा सके। बीईओ (खंड शिक्षा अधिकारी) और बीआरसी (विकासखंड स्त्रोत समन्वयक) समन्वयक द्वारा प्रस्तुत गवाहियों और विद्यालय की उपस्थिति पंजिका से यह पुष्टि हुई कि रितेश अग्रवाल छात्रों की पढ़ाई से लगातार दूरी बनाए हुए थे। इस कारण विद्यालय का शैक्षणिक माहौल प्रभावित हुआ और विद्यार्थियों का शैक्षणिक कार्य भी बाधित हुआ।
उक्त प्रकरण में छत्तीसगढ़ पंचायत सेवा (अनुशासन एवं अपील) नियम 1999 के तहत कार्रवाई करते हुए सामान्य प्रशासन समिति की अनुशंसा पर रितेश अग्रवाल को सेवा से पृथक करने की कार्रवाई की गई है। यह कार्रवाई जिला पंचायत सीईओ प्रभाकर पाण्डेय ने की है।