
धमतरी। काले रंग के कपड़े में रुपए लपेट कर चार गुना करने का सपना दिखाकर 10 लाख रुपए की ठगी की ठगी करने का मामला सामने आया है। मामले में एक फर्जी बाबा समेत 2 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। 2 आरोपी पहले भी गिरफ्तार किए जा चुके हैं। इस मामले में कुल 4 लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
मिली जानकारी के अनुसार मामला अर्जुनी थाना क्षेत्र के खरतुली गांव का है। तरुण साहू ने अर्जुनी थाना में 27 जुलाई को एक शिकायत दर्ज कराई थी। जिसमें उसने बताया था कि बालोद के संतोष विश्वकर्मा ने अपने साथी संतराम जोशी और यादव बाबा के साथ मिलकर उसके साथ 10 लाख रुपए की ठगी की है।तीनों ने उसे पैसे को चार गुना करने का झांसा देकर उसे अपनी बातों में फंसाया था। फिर डेमो दिखाकर उन्होंने उसका विश्वास जीत लिया था। इसके बाद 24 जुलाई को 10 लाख रुपए को एक काले कपड़े में लपेटकर रकम चार गुना करने का दावा करने लगे। लेकिन जैसी ही पीड़ित किसी काम के लिए अपने कमरे में घुसा। वैसे ही आरोपी 10 लाख रुपए लेकर भाग गए थे। इसी रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने 24 घंटे के अंदर ही संतोष विश्वकर्मा और संतराम जोशी को गिरफ्तार कर लिया गया था। दोनों ने पूछताछ में अपना गुनाह कबूल कर लिया और बताया कि उसने यादव बाबा के साथ मिलकर पूरी घटना को अंजाम दिया है। लेकिन बाबा सारे पैसे लेकर भाग गया है। जिस पर पुलिस उस यादव बाब की भी तलाश कर रही थी। लेकिन उसका कुछ पता नहीं चल रहा था।
इसी बीच पुलिस को पता चला कि इस तरह की घटना दिसंबर 2020 में कवर्धा में भी सामने आई थी। जहां करीब डेढ़ लाख रुपए की ठगी इसी तरह से की गई थी। इस मामले में 3 आरोपी गिरफ्तार हुए थे। जिसमें मनीष वर्मा नाम का शख्स भी शामिल था। पुलिस ने जांच की तो पता चला कि कि मनीष का हुलिया ठीक यादव बाबा की ही तरह है। जिसके बाद पुलिस ने एक टीम को कवर्धा भेज दिया और मौके पर जाकर आरोपी को हिरासत में लिया गया।
पुलिस की पूछताछ में आरोपी मनीष वर्मा ने बताया कि उसी ने धमतरी में ठगी की है। मनीष वर्मा (बदला हुआ नाम यादव बाबा) ने बताया कि उसने इस तरह से पैसे ठगने की ट्रेनिंग ओडिशा से ली हुई है। आरोपी ने बताया कि ठगे गए रकम को लेकर वो अपने एक साथी के साथ मिलकर एक जगह से दूसरे जगह घूम रहा था। उसने अपने साथी का नाम झुनेंद्र बताया। जिसके बाद झुनेंद्र को भी पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। झुनेंद्र ने भी पूरे धोखाधड़ी में शामिल होने और बंटवारे के 2.5 लाख रुपए लेना स्वीकार किया है। झुनेंद्र के पास से भी 60 हजार रुपए बरामद किए गए हैं। आरोपी ने यह भी बताया कि उसने ठगे गए रकम से 6.5 लाख रुपए की जमीन खरीदने का सौदा किया था। जिसके लिए उसने 4.5 लाख रुपए एडवांस दे दिए थे। बाकी रुकम से उसने घूमने, शराब पीने की बात कबूल की है। पुलिस ने मुख्य आरोपी के कब्जे से मटमैला रंग के थैला से एक नग कटर, काले रंग के कपड़े के टुकड़े, प्लास्टिक बोतल में भरी बीटाडीन घोल और नकदी रकम 1.80 लाख रुपए बरामद किया है। साथ ही सौदा की गई भूमि के दस्तावेज को भी बरामद गिया गया है। इस प्रकार मनीष वर्मा और झुनेंद्र से कुल 2 लाख 40 हजार रुपए जब्त किया गए हैं। इसके अलावा एक बाइक भी जब्त की गई है। फिलहाल इस मामले में पुलिस की जांच अभी जारी है।