बिलासपुर। बीते दिनों बिलासपुर में सिम्स अस्पताल के कर्मचारियों के साथ कांग्रेस नेता पंकज सिंह के जिस मरीज के त्वरित उपचार न होने पर को लेकर विवाद हुआ था मंगलवार तड़के उसकी मौत हो गई। इलाज के अभाव में जिंदगी से जूझ रहे रविशंकर अवस्थी ने आज तड़के 4 बजे आखिरकार दम तोड़ दिया।
बता दें कि इस मामले में मरीज के त्वरित इलाज के लिए स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव के करीबी नेता पंकज सिंह ने सिम्स अस्पताल के कर्मचारियों से मरीज की जान बचाने के लिए रेडियोग्राफर तुला चंद्र टांडे तुरंत उपचार शुरू करने को कहा था। लेकिन प्रबंधन ने अपनी लापरवाही छिपाने के लिए मानवता के नाम पर की गई इस नेकी बदले उल्टे पंकज सिंह पर ही एफआईआर दर्ज करवा दी। पंकज सिंह पर बिलासपुर पुलिस ने सिम्स प्रबंधन की शिकायत पर शासकीय कार्य में बाधा डालने की शिकायत पर थाने में एफआईआर दर्ज कर कानूनी कोरम पूरा कर दिया। बात यहीं खत्म हो जाती तो इसे ला एंड आर्डर का मामला माना जा सकता है। लेकिन इस मामले में जिस तरह जिला कांग्रेस के नेताओं की इंट्री हुई, उससे जिला कांग्रेस संगठन को बिलासपुर की जनता जवाब तो देना ही होगा। बता दें कि मृतक रविशंकर अवस्थी का परिवार सालों के कांग्रेस से जुड़ा हुआ था, ऐसे में कांग्रेस संगठन के रवैये कांग्रेस की जमीनी वोटरों पर क्या असर होगा ये तो भविष्य ही तय करेगा।
• कांग्रेस के एक खास गुट हजम नहीं हो रही पंकज सिंह की सक्रियता,कांग्रेस परिवार के सदस्य की जान को लगा दिया दांव पर
बता दें इस मामले मंत्री सिंहदेव की करीबी पंकज सिंह पर सिम्स प्रबंधन की शिकायत पर एफआईआर दर्ज कराने के तरीके पुलिस की तौरतरीकों पर बिलासपुर के युवा विधायक शैलेश पांडेय ने सवाल उठाए थे,मरीज की गंभीर हालत को देखकर विधायक शैलेश पांडेय कहा था कि मृतक रविशंकर अवस्थी का परिवार कांग्रेस से जुड़ा है, प्रदेश में कांग्रेस की सरकार है तो उपचार में देरी सीधे सीधे प्रबंधन की लापरवाही से जुड़ा मुददा है। मरीज के उपचार के लिए अगर पंकज सिंह ने सिफारिश की तो ये शासकीय कार्य में बाधा कैसे हो सकता है। बिना जांच पुलिस की फौरी कार्यवाही सीधे तौर पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं का मनोबल तोड़ने वाला है। विधायक ने बिना नाम लिए आरोप लगाया था कि उपर से मिले निर्देश पर पुलिस उन्हें और उनसे जुड़े कार्यकर्ताओं को निशाना बना रही है। उन्होंने ये भी कहा कि मंत्री टीएस सिंहदेव का आदमी होने के चलते पंकज सिंह के खिलाफ कार्रवाई की गई है। विधायक के इसी बयान के बाद जिला कांग्रेस संगठन में बचाल मच गया, मरीज की जान बचाने के बजाए संगठन के लोग विधायक और पंकज सिंह पर पिल पड़े, जिसकी कीमत रविशंकर अवस्थी को अपनी जान देकर चुकानी पड़ी।
• लापरवाही का पहला मामला नहीं सिम्स प्रबंधन पर, कई मरीज गंवा चुके हैं जान
बता दें कि बिलासपुर सिम्स की लापरवाही अस्पताल में उपचार के लिए भर्ती मरीजों की जान जानें की ये पहली घटना नहीं है, इससे पहले भी कई घटनाएं हो चुकी हैं जिसमें मरीजों के उपचार शुरू करने से पहले परिजनों से पैसे की मांग की गई है। स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव ने भी इसे मरीजों के उपचार में लापरवाही का मामला बताते हुए जांच का आदेश दिया है। फिलहाल जांच अभी लंबित है।
• गैर इरादतन हत्या का दर्ज हो अपराध,कई संगठनों ने रखी मांग, क्या कांग्रेस नेता देंगे जवाब
बता दें कि सिम्स में समय पर मरीज का इलाज नहीं होने से मरीज की मौत के बाद प्रबंधन ने लापरवाही कर्मचारी पर अबतक कोई कार्यवाही नहीं की है। इस मामले में बिलासपुर के कई संगठनों ने मामले की पूरी जांच सिम्स प्रबंधन व उसके लापरवाही कर्मचारी पर गैर इरादतन हत्या का का मामला दर्ज करने की मांग की है। संगठनों का कहना है कि उपचार के लिए लाए गए मरीज रविशंकर अवस्थी की आज जान भी चली गई, ऐसे में उस दिन जिन कर्मचारियों की अस्पताल में ड्यूटी रही सभी इस मौत के लिए जिम्मेदार माने जाना चाहिए और उन पर गैर इरादतन हत्या का मुकदमा दर्ज किया जाना चाहिए ताकि भविष्य में किसी भी मरीज के साथ लेटलतीफी अथवा अन्य कर्मचारियों की लापरवाही से बेवजह मौत न हो। फिलहाल इस मामले में अपनी किरकिरी करा चुके संगठन नेताओं को ये देखना होगा कि जनता से सवालों का जवाब ढुंढ़ना उनके लिए जरूरी है, या गुटबाजी।


