छत्तीसगढ़: कानन-पेंडारी जू में एमु बर्ड ने दिया 1.5 किलो का अंडा

बिलासपुर के कानन पेंडारी जू में एक एमु पक्षी ने 1.5 किलो का अनफर्टिलाइज अंडा दिया है। हालांकि, नर नहीं होने के कारण इस अंडे से चूजा तो नहीं निकल सकता, लेकिन जू-प्रबंधन ने इसे पर्यटकों के लिए अब इंटरप्रिटेशन सेंटर में रखा दिया है। ये अंडा अब पर्यटकों का आकर्षण का केंद्र बन गया है। यहां आने वाले लोग इसे देख कर इसके बारे में जानकारी ले रहे हैं।

नर पक्षी की हो गई थी मौत, 4 साल बाद दिया अंडा

रांची के जू से 2018 में कानन प्रबंधन एमु पक्षी का जोड़ा लाया था। इसके बदले कानन पेंडारी से एक बाघ और एक सिंह रांची जू को दिया गया था। लेकिन ट्रांसपोर्टिंग के दौरान नर एमु की तबीयत खराब हो गई थी। कानन लाने के बाद उसकी इलाज के दौरान मौत हो गई। तब से मादा एमु अपनी केज में अकेली रह रही है।

3 साल बाद अब मादा ने एक अंडा दिया है। कानन अधीक्षक संजय लूथर ने बताया कि मादा केज में अकेली है। ऐसे में ये अंडा अनफर्टिलाइज (बाय) है। इससे चूजा नहीं निकल सकता। ऐसे में इसे अन्य जानवर नुकसान पहुंचा सकते हैं। इसे देखते हुए अंडे को केज से निकालकर इंटरप्रिटेशन सेंटर में रख दिया गया है। इससे पर्यटक इसके बारे में जानकारी ले सकें।

कोटिंग कर एक साल तक रख सकते हैं सुरक्षित

कानन पेडारी जू के पशुचिकित्सक डॉ.अजीत पाण्डेय ने बताया कि नर नहीं होने के चलते इस अंडे से चूजा बच्चा तो नहीं निकल पाएगा। लेकिन, पर्यटक इसे देखकर इसके बारे में जानकारी जरूर ले सकते हैं। इसलिए पेट्रोलियम जैली की कोटिंग कर इसे एक साल तक सुरक्षित रखा जा सकता है। इसे हर तीन महीने में देखकर अगर अंडे में नमी आई तो फिर से जैली लगाई जाएगी। ताकि अंडा अधिक समय तक सुरक्षित रह सके।

1 किलो 523 ग्राम का है अंड़ा
एमु का अंडा आम मुर्गी के अंडे से सात गुना ज्यादा बड़ा होता है। इस अंडे का वजन 1 किलों 523 ग्राम है। आमतैर पर मुर्गी के अंडे का वजन 130 से 150 ग्राम तक ही होता है। ऐसे में कानन में पहुंचने वाले पर्यटक इसे देख और इसके साथ सेल्फी लेकर वहां के कर्मचारियों से इसके बारे में अधिक से अधिक जानकारी ले रहें हैं।

नर एमु लाने की चल रही तैयारी
डीएफओ कुमार निशांत ने बताया, कानन में अभी केवल मादा एमु है। ऐसे में इनकी संख्या नहीं बढ़ पा रही है। अगर नर रहता तो इस अंड़े से शायद बच्चा भी निकल जाता। अभी जो मादा है, उसकी उम्र 7 से 8 वर्ष है। अब रांची और चेन्नई जू से नर एमु को लाने की तैयारी कर रहे हैं। पत्र भी लिखा जा चुका है। रांची में नर की संख्या कम है। इसलिए चेन्नई जू से नर को लाया जा सकता है।

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