~ 27 से बढकर 34 जिले हो जायेगें
~ छत्तीसगढ़ में सात नए जिले बनेंगे प्रस्ताव तैयार
~ सरकार ने सभी संभागायुक्तों व संबंधित कलेक्टरों को भेजा पत्र
रायपुर। प्रदेश में जनता की सुविधा और राजस्व विभाग को सशक्त बनाने के लिए सात नए जिले बनाने की तैयारी शुरूकर दी गई है । राजस्व एवं आपदा विभागने नए जिलों के गठन को लेकर चार संभागायुक्तों और संबंधित कलेक्टरों को पत्र भेजकर कई तरह की जानकारियों के साथ एक हफ्ते में अभिमत मांगा है । सूत्रों का कहना है कि 15 अगस्त को नए जिलों की घोषणा हो सकती है। इसके साथ ही प्रदेश में जिलों की संख्या 27 से बढ़कर 34 हो जाएगी। आपदा एवं राजस्व विभाग ने सरगुजा,बिलासपुर,रायपुर व दुर्ग संभाग के आयुक्त और जिन वर्तमान जिलों का क्षेत्र काटकर नया जिला बनाया जाना है वहां के क्लेक्टरों को पत्र भेजा है।
पत्र के अनुसार बिलासपुर संभाग में एक,सरगुजा संभाग में तीन,रायपुर संभाग में दो,दुर्ग संभाग में एक नया जिला बनाया जाएगा । संभागायुक्तों और कलेक्टरों को प्रस्तावित जिलों का नाम भेजकर कुल जनसंख्या, ग्राम,पटवारी हल्का नंबर,राजस्व निरीक्षक मंडल,रकवा,खातेदारों की संख्या,ग्राम पंचायत,नगरीय निकाय, राजस्व प्रकरणों की संख्या,कोटवार या पटेल की संख्या,आवश्यक सेटअप,वेतन भत्ते,कार्यालय संचालन के लिए व्यय की जानकारी मांगी है । वर्तमान जिल और प्रस्तावित जिलों का नक्शा में बनाकर भेजने के लिए कहा गया है । माना जा रहा है कि बिलासपुर जिले से पेंड्रारोड को अलग कर नया जिला। वहीं सरगुजा संभाग के कोरिया जिले से चिरमिरी मनेन्द्रगढ को अलग करके एक नया जिला, प्रतापपुर व वाड्रफनगर को मिलाकर एक जिला जशपुर जिले से पत्थलगांव को अलग कर नव जिला बनाया जाएगाा । इसके अलावा रायपुर संभाग में बलौदाबाजार भाटापारा जिले से भाटापारा को अलग कर स्वतंत्र जिला,महासमुद से सकरा से लेकर बजारी नाका तक फुलझर अचल नया जिला बनाया जा रहा है। दुर्ग संभाग के राजनांदगांव जिले से खुज्जी विधानसभा क्षेत्र, मोहला मानपुर को मिलाकर अम्बागढ चौंकी को अलग जिला बनाये जाने के लिए प्रस्ताव बनाया गया है ।