• एसीबीमें एफआईआर तो हुआ मगर मंत्री के हस्तक्षेप से नही हो रही गिरफ्तारी, निलंबन, बर्खास्तगी की कार्यवाही
• आय से अधिक मामले में लपेटे में आये बने हुए हैं पद में
रायपुर/बिलासपुर। यूं तो अब तक एसीबी की जांच और लपेटे में अनेको विभागों से बड़े अधिकारियों से लेकर छोटे कर्मचारियों पर ट्रेप,जांच और एफआईआर हो रही है मगर बहुत से विभाग एसीबी के एफआईआर से बेखबर नजर आ रहे हैं या फिर कोई दबाव के चलते निलंबन, बर्खास्तगी कार्यवाही नही की जा रही है। आखिरकार ऐसे एसीबी के एफआईआर का क्या औचित्य जब एक भ्रष्ट अधिकारी,कर्मचारी के एफआईआर होने के बावजूद यदि उसका पद अभी भी बना हो तब वह तो अपनी करतूतों से और शासकीय कार्य प्रभावित करता रहेगा। मगर एसीबी के लपेटे में आये अभी भी बहुत से विभागों के उच्च अधिकारियों का संबंधित पर कार्यवाही के नाम एसीबी के एफआईआर की जानकारी नही होना बताया जा रहा है। तो क्या एसीबी की कार्यवाही महज खानापूर्ति जैसी है या फिर गिरफ्तारी, निलंबन और बर्खास्तगी के लिए सरकार और प्रशासन सख्त होंगी?
पिछले सप्ताह ही हुए है अनेको एफआईआर उजागर
बता दें विलंब से ही सही मगर राजस्व विभाग के डिप्टी कलेक्टर प्रमोट हुए अधिकारी, पटवारी सहित अन्य अधिकारियों के विरुद्ध एसीबी ने आय से अधिक संपत्ति मामले में एफआईआर की है मगर इन सभी पर अभी तक विभागीय कोई कार्यवाही नही हुई है ये सभी वर्तमान समय तक अपने भ्रष्टाचार के चलते जिस पद में रहते हुए एसीबी में एफआईआर हुए हैं मगर निलंबन, बर्खास्तगी, गिरफ्तारी नही हो रही है। जिससे अब सरकार पर विपक्ष आगामी विधानसभा में घेरने के मूड में है।
राजस्व विभाग के एक और अधिकारी पर गिर सकती है गाज
बताया जा रहा है बिलासपुर संभाग के मुंगेली जिले के राजस्व विभाग में पदस्थ रहे कुछ अधिकारियों पर एसीबी की कार्यवाही अंतिम मुहाने पर है उनके द्वारा कम समय मे बनाई गई आय से अधिक संपत्तियों का खाका तैयार किया जा रहा है। जिसमे मंत्रियों नेताओ से नजदीकी, रिश्तेदारी की आड़ में भ्रस्टाचार कर बिलासपुर शहर में करोड़ो के नवनिर्मित बंगले एवं अन्य संपत्तियों का ब्यौरा ले लिया गया है शीघ्र अब उन पर भी एफआईआर की कार्यवाही होनी तय मानी जा रही है।