आफत का ‘गुलाब’: चक्रवात की आशंका से ओडिशा, आंध्र प्रदेश में हाईअलर्ट, दक्षिण छत्तीसगढ़ में अति बारिश, बंगाल में छुट्टियां रद्द

नई दिल्ली/रायपुर। ‘यास’ चक्रवात के छह माह बाद बंगाल की खाड़ी में ‘गुलाब’ उठ रहा है। यह चक्रवाती तूफान का रूप लेकर ओडिशा, आंध्रप्रदेश व बंगाल में कहर ढा सकता है। फिलहाल यह तूफान गहरे दबाव के रूप में है। यह रविवार शाम तक ओडिशा के तट से टकरा सकता है। चक्रवाती तूफान के असर से दक्षिण छत्तीसगढ़ बस्तर संभाग से लगे इलाकों में भारी से अतिबारिश होने और तेज हवा चलने का अनुमान बताया गया है। प्रदेश के अन्य हिस्सों में भारी हो सकती है।

मौसम विभाग के अनुमान के मुताबिक उत्तर पश्चिम बंगाल की खाड़ी में गहरे दबाव का क्षेत्र शनिवार देर रात तक चक्रवाती तूफान का रूप ले लेगा। यह चक्रवाती तूफान दक्षिण ओडिशा और उत्तर आंध्र प्रदेश के तट से टकरा सकता है। इसका सबसे अधिक प्रभाव ओडिशा के गोपालपुर से आंध्र प्रदेश के विशाखापटनम के बीच होगा। बंगाल में भारी वर्षा हो सकती है।

कैबिनेट सचिव ने बुलाई बैठक, बचाव की तैयारियों की समीक्षा

तूफान के खतरे को देखते हुए शनिवार को कैबिनेट सचिव राजीव गाबा की अध्यक्षता में राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन कमेटी की बैठक हुई। इसमें केंद्र व राज्य सरकारी मशीनरियों की बचाव की तैयारियों की समीक्षा की गई। बैठक में ओडिशा व आंध्रप्रदेश के मुख्य सचिवों ने लोगों को बचाने के लिए उपाय किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी।

एनडीआरएफ ने इन राज्यों में 18 टीमें तैनात की हैं। अतिरिक्त टीमों को भी तैयार रखा गया है। सेना, नौसेना की राहत व बचाव टीमों को जहाजों व विमानों के साथ तैनात किया गया है। कैबिनेट सचिव गाबा ने कहा कि केंद्र व राज्य सरकार की एजेंसियों को सारे ऐहतियाती व सुरक्षा उपाय तूफान के तट से टकराने से पहले कर लेना चाहिए, ताकि नुकसान बिलकुल न हो और बुनियादी ढांचे को भी कम से कम क्षति पहुंचे।

पाकिस्तान ने दिया ‘गुलाब’ नाम

इस बार नाम देने का जिम्मा पाकिस्तान का था। उसने इसे ‘गुलाब’ नाम दिया है। यह अभी मध्य बंगाल की खाड़ी से ये उत्तर पश्चिम की ओर बढ़ रहा है। छ महीनों पहले यास तूफान ने देश के तटीय हिस्सों में जमकर तबाही मचाई थी। उसके बाद अब ‘गुलाब’ दस्तक दे रहा है।

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