कलेक्टर के आदेश के बावजूद मूल शिक्षक है प्रतिनियुक्ति पर….

मुंगेली। नवपदस्थ कलेक्टर कुंदन कुमार ने प्रशासनिक व्यवस्था में कसावट लाने अनेक मौकापरस्त कर्मचारियों को उनके नालायक पद से लायक पद पर प्रतिनियुक्ति से बहाल कर भेजने का आदेश दिया। बावजूद अभी भी प्रतिनियुक्ति का लाभ लेते कलेक्टोरेट का मोह नहीं छूट रहा है।

ऐसे में अब जब कलेक्टर के आदेश के बावजूद विभाग प्रमुख जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा प्रतिनियुक्ति पूर्णतः खारिज ना करते हुए जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में ही बिठा रखने से कलेक्टर के आदेश की सीधी अवहेलना की जा रही है।

मालूम हो हाल ही में कलेक्टोरेट अधीक्षक पद से हटाए गए अशोक सोनी को मूल शिक्षक के पद से पहले डीईओ ऑफिस एमआईएस (प्रशासक)उसके बाद प्रतिनियुक्ति में अधीक्षक बना दिया गया था।

कलेक्टर कुंदन कुमार ने जायज नियुक्ति करते हुए अशोक सोनी का प्रतिनियुक्ति आदेश खारिज कर उन्हें मूल पद,मूल सेवा में जाने का आदेश दिया मगर अभी भी वह डीईओ ऑफिस में बतौर सलग्न है जबकि उनकी मूल सेवा किसी स्कूल में होने के बावजूद कलेक्टर के हटाए जाने के बावजूद प्रतिनियुक्ति जैसे ही पद में जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में बने हुए है।

कलेक्टर के आदेश के बावजूद जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा किए जा रहे दुस्साहस को तत्काल कार्यवाही कर अशोक सोनी को उनके मूल विभाग में भेजा जाना चाहिए।

पूरे प्रदेश में युक्तिकरण और शिक्षकों के कांट छांट की कार्यवाही हो रही है उसके बावजूद एक शिक्षक को अनैतिक ढंग से पद सृजित कर जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में डीईओ द्वारा बिठाए रखना उचित नहीं है। कलेक्टर के मूल पद मूल विभाग के आदेश के बाद तत्काल डीईओ को अशोक सोनी को उसके मूल पद में भेजा जाना चाहिए।

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