रायपुर। छत्तीसगढ़ में बहुचर्चित शराब घोटाला मामले में एक और बड़ी कार्रवाई हुई है। गिरिराज होटल के संचालक नितेश पुरोहित और उनके पुत्र यश पुरोहित को आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW) और एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने गिरफ्तार कर लिया है। दोनों पर घोटाले की अवैध राशि के संग्रहण और वितरण में शामिल होने का आरोप है।
छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाला प्रकरण में कार्रवाई का सिलसिला लगातार जारी है। राज्य आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW) एवं एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने शुक्रवार को राजधानी रायपुर स्थित गिरिराज होटल के संचालक नितेश पुरोहित और उनके पुत्र यश पुरोहित को गिरफ्तार कर लिया। दोनों को विशेष न्यायालय (भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम) में पेश किया गया, जहां से उन्हें पूछताछ के लिए 25 सितंबर 2025 तक पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया है।
मामला अपराध क्रमांक 04/2024 के तहत दर्ज है, जिसमें धारा 7, 12 भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संशोधित 2018) के साथ-साथ आईपीसी की धारा 420, 467, 468, 471 और 120-बी के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है। ब्यूरो का कहना है कि आरोपी पिता-पुत्र शराब घोटाले के सिंडिकेट के प्रमुख सदस्य थे। इनके माध्यम से अवैध रूप से अर्जित घोटाले की राशि का संग्रहण, भंडारण और उसे विभिन्न लोकसेवकों एवं निजी व्यक्तियों तक पहुंचाने का काम किया जाता था।
गौरतलब है कि इन दोनों आरोपियों के साथ आबकारी विभाग के तत्कालीन आयुक्त निरंजन दास भी इस प्रकरण में आरोपी हैं, जिन्हें कल ही गिरफ्तार किया गया था। तीनों आरोपी मार्च 2024 से फरार चल रहे थे। हालांकि, सर्वोच्च न्यायालय ने सितम्बर 2024 और दिसम्बर 2024 में क्रमशः “No Coercive Action” का आदेश पारित किया था। इसके बाद आरोपीगण ब्यूरो के नोटिस पर उपस्थित तो हुए, लेकिन जांच में कोई सहयोग नहीं किया।
17 सितम्बर 2025 को सर्वोच्च न्यायालय द्वारा “No Coercive Action” आदेश की रोक हटाए जाने के बाद, EOW-ACB की टीम ने कार्रवाई करते हुए दोनों होटल संचालकों को हिरासत में ले लिया। पूछताछ में कई अहम खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।