

आगोलाई/जोधपुर(राजस्थान)। माँजीसा मंदिर समिति आगोलाई के द्वारा सद्भावना पैदल यात्रियों का संघ 01 सितंबर रविवार को गादीपति संवाई चंद जी शर्मा के कुशल नेतृत्व में सुबह 10 बजे माँजीसा मंदिर आगोलाई से माजीसा के जयकारों के साथ रवाना हुआ। लगभग 300 से अधिक पैदल संघ में महिला,पुरूष बच्चे बाजे गाजे भजन जयकारा के साथ जसोल धाम रवाना हुए। संघ पहले दिन रात्रि विश्राम नागाणा में करेगा। दूसरे दिन बालोतरा मार्ग से जसोल माजीसा मंदिर के लिए पैदल यात्री संघ जसोल धाम के लिए आगे चलेंगे।



मालूम हो “जसोल धाम” में माता भटियाणी के साक्षात पर्चे से विश्वासी दर्शनार्थियों को लाभ प्राप्त होता हैं। आने वाले दर्शनार्थियों में महिलाओं व बच्चों की अधिसंख्या के कारण मंदिर परिसर की रौनक चौगुनी हो जाती है। अपनी मनोकामनाएं पूर्ण होने के उपलक्ष्य में भक्त पूजा-अर्चना के साथ ही माताजी को बेस, चूड़ियाँ व सिंदूर श्रद्धाभाव से अर्पित करते हैं।
दर्शनार्थियों के लिए माताजी की मूर्ति का विशेष श्रृंगार के साथ मंदिर में आने वाले भक्तों की सुविधा हेतु मंदिर प्रशासन हेतु समस्त सुविधाओं की पूर्ण व्यवस्था की जाती है। “जसोल धाम” जसोल मॉजीसा के मंदिर से 8 किलोमीटर दूरी पर राणी रुपादे का बहुत बड़ा मंदिर पालीयाधाम है और जसोल से 6 किलोमीटर दूर ही नाकोड़ाजी का मंदिर भी स्तिथ है। समय समय में अनेक स्थानों से श्रद्धालु पैदल संघ बनाकर भी “जसोल धाम” की धार्मिक यात्रा करते है। पैदल यात्रियों, श्रदालुओं, दर्शनार्थियों के चेहरों पर यात्रा व दर्शन पश्चात दिखाई देने वाला अलौकिक संतोष एक संतुष्टि का अहसास दिलाता हैं।