बिलासपुर। कोटक महिंद्रा फाइनेंस एवं बैंकिंग के अपने काम में व्हीकल फाइनेंस की आड़ में ग्राहकों अपने ही बैंक में अकाउंट खुलवाने बाध्य किया जाता है। खाता खोलने के बाद फाइनेंस अमाउंट के किश्त को खोले गए खाते से समायोजन ना कर अन्य बैंक के खातों से ही वसूला जा रहा है।
भारी भरकम मिनिमम बैलेंस के खाते खुलाने के बाद कोटक महिंद्रा फाइनेंस कंपनी में जिम्मेदार लोगों द्वारा 15 हजार मिनिमम बैलेंस की बाध्यता वाले बचत खाते को जीरो बैलेंस सुविधा में अपग्रेड करने के हवाले से उस बचत खाते को अत्यंत गरीबी रेखा वाले के दर्जे में मर्ज कर पुराने जारी हुए डेबिट कार्ड (एटीएम) को अचानक बंद कर दिया गया।
जिसके बाद खाते में शेष रकम निकालने और डेबिट कार्ड से आहरण नहीं होने की जानकारी लेने पर पता चला कि बैंक प्रबंधन ने बचत खाते में पुरानी सुविधा को निरस्त करते हुए अत्यन्त गरीबी रेखा में जीवन यापन करने वाला खाता बना दिया गया। कोटक महिंद्रा फाइनेंस कंपनी के जिम्मेदार लोगों को इतनी भी शर्म नहीं रही कि जिस खता धारक को फाइनेंस कम्पनी कार फाइनेंस के लिए लाखों रुपए कर्ज स्वीकृत की है उसी ग्राहक को स्वयं कोटक महिंद्रा फाइनेंस कंपनी ने अत्यंत गरीबी के श्रेणी में ला दिया।
पूरे घटनाक्रम की शिकायत बैंकिंग लोकपाल एवं प्रबंधन के टोल फ्री नंबर पर की गई है। अब देखना यह है कि फाइनेंस की आड़ में कुछ भी वादा कर चुना लगा रहे फाइनेंस कंपनी पर कार्यवाही के बाद क्या असर होता है।