PDS घोटाले में किसका संरक्षण ? सत्ता के दम्भ में कुछ विघ्नसंतोषी लोग दे रहे भ्रष्टाचार को बढ़ावा

SDM की कार्यवाही में नही आया कोई नतीजा बावजूद बहाली को लेकर मचा रहे लोग हल्ला

मुंगेली। पीडीएस अनियमितता एवं भ्रष्टाचार के मामले में मुंगेली एसडीएम नवीन भगत सख्त नजर आ रहे हैं और संबंधित के निरस्तीकरण की कार्यवाही की जाने की चर्चा है बावजूद कुछ लोग सत्ता के दम्भ में फिर एसडीएम दफ्तर को ही टारगेट करने लगे हुए है जबकि एसडीएम दफ्तर से निष्पक्ष कार्यवाही होने की जानकारी लगातार मिल रही है मगर मुंगेली जिले में पिछले चुनाव के बाद से जो राजनैतिक संक्रमण आज भी प्रभावी और लाइलाज है ग्रामवासियों द्वारा उनकी शिकायत न कर अब सीधे एसडीएम नवीन भगत पर ही एक पक्षीय कार्यवाही का हल्ला मचाया जा रहा है बावजूद इस मामले में जो कार्यवाही के निर्णय आएंगे वो पीडीएस के लिए एक बड़ी कार्यवाही के रूप में होने का अंदेशा लगाया जा रहा है ताकि अन्य पीडीएस से जुड़े लोग इस कार्यवाही को भांप कभी कोई अनियमितता करने की भूल न करे। हालांकि इस मामले में जो पंचायत सरपंच की शिकायत है वो सही है मगर बिना धैर्य रखें कार्यवाही करने वाले अधिकारियों पर ही टिका टिप्पणी कर देने से सत्ता दम्भ में कुछ लोग ऐसे भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने लगे है।

बिना किसी ठोस जानकारी के ग्रामीणों का सीधा आरोप है कि पीडीएस संचालक एजेंसी को अनियमितता की पुष्टि हो जाने के बाद पहले तो SDM साहब के द्वारा निलंबित कर दिया गया मगर बहाल किया गया जबकि निरस्त करने की पुख्ता जानकारी मिल रही है और संबंधित को बहाल नही किए जाने की पुष्टि एसडीएम दफ्तर के सूत्र बता रहे हैं बावजूद बिना सिर पैर के हो हल्ला और कलेक्टर के सामने जाकर औचित्य हीन दलील देने से जो लोग सत्ता दम्भ में ऐसे भ्रस्टाचारियो को बचाने अथवा संरक्षण देने लगे है उनको और हवा मिल रही है। ग्रामवासियों द्वारा जब इस संबंध में समिति को संरक्षण देने वाले कथित संदिग्ध लोगों की जानकारी है तो वे कलेक्टर को सीधे नामजद अवगत क्यों नही करा रहे हैं? बावजूद निरस्त करने की कार्यवाही होने के बावजूद बहाल का अफवाह फैलाने से बेवजह उन लोगो की दुकानदारी बेवजह दौड़ रही है जिनका अब मुंगेली विधानसभा तो नही बल्कि जिले में भी कोई पूछ परख नही रह गया है। उसके बावजूद बेवजह ग्रामीण प्रशासनिक कार्य प्रणाली भी सवाल खड़े कर रहे हैं।

मालूम हो पूरा मामला मुंगेली शहर से लगे सुरीघाट पंचायत का है। जहां मां आदि शक्ति महिला स्व सहायता समूह के द्वारा पीडीएस दुकान का संचालन किया जा रहा है। सुरीघाट पंचायत के सरपंच, पंच सहित हितग्राहियों ने मुंगेली एसडीएम नवीन भगत से कुछ महीने पहले शिकायत दर्ज कराई है जिस पर निलंबन की कार्यवाही के बाद निरस्तीकरण की प्रक्रिया चल रही है। इस मामले में शिकायत हुई थी कि पीडीएस संचालक के द्वारा कोरोना काल मे दी जाने वाली राशन सामग्री में अनियमितता से लेकर हर माह हितग्राहियों को वितरण की जाने वाली खाद्य वितरण सामग्री में बड़ी धांधली की गई है जिस पर एसडीएम ने फ़ूड इंस्पेक्टर के माध्यम से मामले की जांच कराई और निलंबन की कार्यवाही भी की अब उसके निरस्त करने की ठोस जानकारी मिल रही है। जांच में अनियमितता की पुष्टि होने के बाद एसडीएम नवीन भगत ने सुरीघाट के इस पीडीएस संचालक एजेंसी को 25 जून को निलंबित कर दिया है।

इस पीडीएस संचालक की मनमानी और अनियमितता से न सिर्फ हितग्राही बल्कि पंचायत के पंच सरपंच सभी त्रस्त हैं। अब एसडीएम द्वारा निलंबन की कार्रवाई के बाद उक्त एजेंसी को निरस्त किया जा रहा है, लेकिन कुछ सत्ता प्रभावी राजनीतिक दल से जुड़े नेताओं के अप्रत्यक्ष दबाव से कार्यवाही रोकने का कुत्सित प्रयास किया गया मगर निरस्तीकरण होना तय माना जा रहा है।

एसडीएम की कार्रवाई के बावजूद ग्रामीण नही दे पा रहे असली विध्वंशक की जानकारी

ग्राम पंचायत के सरपंच पंच से लेकर ग्रामीणों ने आज फिर इस पूरे मामले की शिकायत कलेक्टर अजीत वसंत से पुनः की है। जबकि जो कार्यवाही हो रही है उसमें कुछ लोग सत्ता प्रभाव के चलते निरस्त होने की कार्यवाही रोकने ग्रामीणों को गुमराह करने लगे है जबकि ऐसे लोगो के बारे में पीडीएस जैसे महत्वपूर्ण ज्वलंत मुद्दों पर ग्रामीणों को खुलकर बताया जाना चाहिए ताकि प्रशासन अन्य कोई भ्रस्टाचारियो अथवा कार्यवाही को लेकर अप्रत्यक्ष सिफारिशों अथवा कार्यवाही को रोकने पर अंकुश लगाया जा सके।

“अनियमितता पुष्टि हो जाने के बाद अब निरस्तीकरण की कार्यवाही की जा रही है”।

नवीन भगत,अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व)

मुंगेली

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