चिल्फी थाना प्रभारी सुशील बंछोर ने दिव्यांग अजय को सहयोग कर दिखाई जीने की नई राह

मुंगेली/चिल्फी। पुलिसिंग की प्रचलित धारणाओं को बदलने के इरादे से चिल्फी पुलिस चौकी की जिम्मेदारी संभाल रहे थाना प्रभारी सुशील कुमार बंछोर ने एक बार फिर इंसानियत की बढ़िया मिसाल पेश की है। माना कि पुलिस का काम कानून व्यवस्था का पालन कराना है, लेकिन कई बार सामाजिक जिम्मेदारियों के चलते अपराध होने की वजहो को भी अगर पुलिस समय रहते परिवर्तित कर सके तो इससे बेहतर क्या हो सकता है।

चिल्फी पुलिस चौकी क्षेत्र अंतर्गत सेनगुड़ा में रहने वाला दिव्यांग अजय कुर्रे अपने जीवन से हताश हो चुका था। रोजगार का कोई साधन न होने और ऊपर से शारीरिक बाध्यता ने उसे आत्महत्या करने को विवश किया और उसने इसके लिए प्रयास भी किया। किसी तरह यह बात चिल्फी थाना प्रभारी सुशील बंछोड़ तक पहुंच गई। प्रभारी सुशील बंछोर का हृदय इस घटना से हमेशा की तरह द्रवित हो उठा और उन्होंने दिव्यांग अजय को आत्मनिर्भर बनाने का संकल्प ले लिया। उन्होंने तो तत्काल अजय से मुलाकात की और उनमें जीवन के प्रति आशा जगाई, साथ ही उन्हें जीने के लिए प्रेरित भी किया। साथ ही यह भरोसा भी दिलाया कि अजय को आत्मनिर्भर बनाने में वे स्वयं और उनकी तरह के अन्य लोग पूरी तरह मदद करेंगे। सुशील बंछोड़ और चिल्फी पुलिस ने अजय से बातचीत करने के बाद उसके लिए एक छोटी चाय दुकान खोलने का विचार किया है। इसके लिए चिल्फी थाना की तरफ से चाय का एक ठेला भी तैयार कर लिया गया है। पुलिस और अन्य लोगों की मदद से दिव्यांग अजय को अपने पैरों पर मजबूती से खड़ा करने के मकसद से चाय दुकान खोलने हेतु अन्य आवश्यक सामग्री भी धीरे धीरे जुटाई जा रही है। गैस चूल्हा, बर्तन चाय दुकान आरंभ करने के लिए कार्यशील पूंजी आदि की व्यवस्था करने के लिए सबसे सहयोग मांगा गया है ।लोग भी बढ़-चढ़कर अजय की मदद कर रहे हैं, ताकि एक जीवन का असमय अंत ना हो। चिल्फी पुलिस चौकी प्रभारी सुशील कुमार बंछोड़ और अन्य पुलिसकर्मियों ने दिव्यांग अजय कुर्रे को आत्मनिर्भर बनाने की तैयारी पूरी कर ली है और अब उसके चाय दुकान का शुभारंभ 5 सितंबर शिक्षक दिवस को किया जाना है। जिस दिन अजय कुर्रे के साथ अन्य लोग भी यह शिक्षा ले
पाएंगे कि जीवन अनमोल है और उसे ऐसी छोटी-छोटी बाधाओं के चलते खत्म करना नादानी है। चिल्फी थाना प्रभारी सुशील बंछोर ने अन्य लोगों से भी दिव्यांग अजय कुर्रे की मदद की अपील की है। उन्होंने कहा कि कोई भी दानदाता अगर अजय कुर्रे की मदद करना चाहता है तो उससे स्वयं मिलकर उसकी सहायता कर सकता है या फिर फोन नंबर पर भी संपर्क कर दान प्रदान किया जा सकता है। कल तक जो अजय कुर्रे अपनी जीवन की आस खो बैठा था, आज चिल्फी पुलिस की मदद से उसमें जीने की नई उमंग जाग उठी है और वह भी बड़े उत्साह के साथ चाय दुकान खोलने की तैयारी में जुटा हुआ है।

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