
मृतका ललिता 
मृतका का पांच वर्षीय पुत्र 
आरोपी राजेश जायसवाल
“जांच यदि ईमानदारी से हो तो नगर के कई संभ्रांत परिवारों के रईसजादों के नाम भी इस मामले से जुड़े सामने आ सकते हैं जिनके नामो की चर्चा नगर में दबे जुबान होती है औऱ यदि उचित जांच हो तो एक बड़े मामले का खुलासा भी हो सकता है जिसपर लाखो के लेनदेन कर दबाने जैसी चर्चा की सच्चाई भी सामने आ सकेगी”
• ससुराल पक्ष के लोगो ने पूरे मामले को दबाने 50 लाख के लेनदेन का आधा दर्जन लोगों पर लगाया आरोप।
• आईजी के निर्देश के बाद मामले में महीनों बाद हुई एफआईआर।
• बयान व गवाह के हवाले से लोरमी पुलिस अब भी मामले को दबाने में जुटी।
• लोरमी पुलिस व मायके पक्ष की भूमिका संदिग्ध।
• एक आरोपी युवक लोरमी थाने में पदस्थ एएसआई का पुत्र।
• मृत्य पूर्व बयान बदलने की हुई साजिश।
• महिला के गर्भवती होने पर प्रेमी युवक ने बिलासपुर हॉस्पिटल में पति के हवाले से कराया गर्भपात।
लोरमी। शादीशुदा जीवन मे मायके के एक युवक के खलल के बाद जो ब्याहता महिला के जीवन मे नया मोड़ आया उस घटना से एक 5 वर्षीय पुत्र से मां बिछड़ गई। मायके वालों के गुमराह करने के कारण किसी बाप की बेटी को भी जीवन से हाथ गंवाना पड़ा। मगर इस पूरे घटनाक्रम में आरोपी लोरमी निवासी युवक राजेश जायसवाल पिता गौकरण जायसवाल एवं अन्य सहयोगी शांता बिंझवार पिता चिंताराम बिंझवार के लिए लोरमी पुलिस व मायके पक्ष की भूमिका संदिग्ध दिख रही है। पूरे घटनाक्रम में लोरमी के युवक राजेश जायसवाल द्वारा विवाहिता ललिता दुबे पति नारायण दुबे बहलाफुसला, प्रेम जाल में ला शादीशुदा जीवन से अलग कर दिया उसके साथ जीने मरने की कसमें खाई बाद में ब्याहता पति से बेखबर मायके में भी प्रेमी के साथ रहने की बात कह उसके साथ लोरमी किराये के मकान में रहने लगी जिसके बाद महिला गर्भवती हो गई। जिसके लिए भी प्रेमी युवक ने बिलासपुर के एक हॉस्पिटल में अपने आप को पति बता गर्भपात करा दिया। बाद में महिला द्वारा आरोपी युवक से शादी करने की जिद करने लगी मगर तब तक युवक का मन भर गया और एक दिन महिला के मायके में मारपीट गालीगलौज कर मिट्टीतेल डाल जलाने की कोशिश कर डाली। महिला की बिगड़ती हालत को देख पहले मुंगेली उसके बाद उपचार बिलासपुर में हुआ उपचार के दौरान पति ने महिला से पूरी हकीकत जानना चाहा तब गंभीर रूप से घायल महिला ने पति व ससुराल वालों को पूरी सच्चाई बताई उसके बाद ससुराल पक्ष के लंबे समय तक इलाज में लाखो रुपये खर्च करने की बावजूद नही बचाया जा सका।
महिला पिता के बीमारी के बहाने ससुराल वालों को करती रही गुमराह
मालूम हो जब प्रेम का परवान शादीशुदा महिला के सिर पर चढ़ा तब अपने पांच वर्षीय बालक को ससुराल में ही छोड़ लोरमी के ही एक युवक के साथ बाप के बीमारी के हवाले लोरमी आ गई इस बीच लंबे समय तक महिला द्वारा पति व ननंद को पिता की बीमारी(लकवा) होने के हवाले से राजेश जायसवाल व एक अन्य युवक के साथ अवैध प्रेम संबंध के चक्कर मे झूठ बोलकर गुमराह करती रही। बाद में जब शादी के झांसे में लेने और मायके वालों को नए शादी करने की बात के बाद दोनों पति पत्नी के रूप में मायके से अलग रहने लगे उसके बाद जब महिला गर्भवती हुई और आशिक राजेश जायसवाल को शादी के लिए जिद करने लगी तब राजेश जायसवाल मारपीट करने लगा। जिसके बाद महिला के मायके में एक दिन राजेश से विवाद होने पर राजेश ने महिला के ऊपर मिट्टीतेल अथवा पेट्रोल डाल आग के हवाले कर मारने के लिए उतारू रहा। पूरे घटनाक्रम की जानकारी लोरमी पुलिस को थी मगर मामले में एक अन्य सहयोगी प्रेमी जिसके पिता लोरमी थाने में एएसआई पदस्थ होने के चलते पूरे मामले को दबाने की कोशिश की जाती रही।
मामले में महिला के मौत के बाद मृतका के भाई की भूमिका भी है संदिग्ध
पिता के इलाज के नाम पर ससुराल से मायके आने और शादीशुदा जीवन मे दो लोगो से प्रेम संबंध के बावजूद महिला के मायके की तरफ से हो रहे घटनाक्रम को छुपाया जाता रहा ससुराल पक्ष से पति अथवा ननंद के पूछे जाने पर बहानेबाज़ी की जाती रही मगर एक पांच वर्षीय बेटे की मां का बर्बाद होता जीवन के लिए मायके पक्ष से महिला के भाई दुर्गेश मिश्रा ने कभी ससुराल में पति अथवा अन्य किसी को नही बताया गया बल्कि मृतका के बीमार होने अथवा अन्य बहानो से गुमराह किया जाता रहा है जब महिला की युवक राजेश द्वारा आगजनी से मारने की कोशिश हुई तब भाई ने एक शिकायत भी लोरमी थाने में दी थी मगर वो शिकायत भी महिला की मौत के बाद भाई दुर्गेश मिश्रा ने अपने कारनामे छुपाने अथवा अन्य साजिश के तहत वापस ले लिया।
इस पूरे घटनाक्रम में महिला की मौत के बाद मायके पक्ष के लोग व पुलिस की भूमिका बहुत संदिग्ध नजर आ रही है। बताया जा रहा है महिला के साथ जिन दो युवकों के सम्पर्क रहे उसमे एक युवक लोरमी थाने में पदस्थ एक असिस्टेंट सब इंस्पेक्टर का बेटा है। जिसे बचाने के लिए भरपूर कोशिश की जा रही हैं मगर लगातार इंसाफ के लिए महिला के ससुराल वालों ने लोरमी थाने सहित बिलासपुर आईजी से गुहार लगाने के बाद दोनो आरोपियों के विरुद्ध एफआईआर तो कर ली गई है। अब जांच,विवेचना और बयानों के नाम से आरोपियों को गिरफ्तार नही किया जा रहा है जबकि दोनो आरोपी शासकीय कर्मचारी होने के बावजूद विभागीय अधिकारियों द्वारा मामले को संज्ञान में न लेते हुए विभागीय कोई अब तक कार्यवाही नही की गई है। पूरे मामले में राजनैतिक दबाव के साथ ही मीडिया के लोग व स्वयं पुलिस द्वारा मामले दबाने के लिए प्रयास किया जाता रहा है। अब देखना यह भी होगा कि 5 वर्षीय मासूम की मां को प्रेमजाल में फंसा मौत के लिए मजबूर करने वाले दोषियों पर पुलिस कब कार्यवाही करतीं है।