मुंगेली नगरपालिका में नाली घोटाला के बाद खाम्हीकुर्मी पंचायत में भी बड़ा घोटाला हुआ उजागर, सरपंच, सचिव सहित सभी दोषियों पर हो सकती है एफआईआर

• जांच दल के पहुंचने पर ग्रामीणों ने दोषियों को बचाने का लगाया आरोप,बवाल होने पर पुलिस पहुंची मौके पर

• आक्रोशित ग्रामीणों ने जांच टीम को बनाया बंधक, मचा हड़कंप

• ग्रामीणों ने निष्पक्ष जांच नहीं करने का लगाया आरोप

मुंगेली। खाम्हीकुर्मी पंचायत में भ्रष्टाचार की जांच करने के लिए पहुंची टीम को आक्रोशित ग्रामीणों ने बंधक बना लिया। उच्च अधिकारियों को इसकी जानकारी होने के बाद हड़कंप मच गया। तत्काल गांव में पुलिस बल भेजा गया। पुलिस की समझाइश के बाद आक्रोशित ग्रामीण शांत हुए। ग्रामीणों का आरोप था कि टीम निष्पक्ष जांच के बजाय आरोपित सरपंच और सचिव का पक्ष ले रहा है।

दरअसल ग्रामीणों की शिकायत पर मुंगेली जनपद सीईओ भूमिका देसाई के निर्देशन में गठित जांच टीम गुरुवार को जांच करने गांव पहुंची थी। इस दौरान ग्रामीण शिकायतकर्ताओ ने शिकायत नहीं सुनने व सरपंच सचिव के बचाव में कार्य करने का आरोप लगाते हुए पहले तो जमकर हंगामा मचाया। उसके बाद जांच स्थल से लौट रहे जांच टीम के सदस्यों को ग्रामीणों ने घेरकर बंधक बना लिया। इस दौरान समस्या सुनने व समस्या का निराकरण करने की शर्त पर ही छोड़ने की बात पर अड़ गए। ग्रामीणों के काफी देर तक हंगामे के बाद जांच टीम को आनन-फानन में स्थानीय पुलिस की मदद लेनी पड़ी और स्थानीय पुलिस की समझाइश के बाद ही ग्रामीण शांत हुए, फिर जांच टीम वहां से रवाना हुई।

पखवाड़े भर पहले ग्रामीणों के द्वारा जनपद सीईओ भूमिका देसाई से गांव के सरपंच, सचिव की मनमानी व मिलीभगत कर शासकीय राशि गबन करने की शिकायत की गई थी। इसके बावजूद देर से जांच शुरू होने व जांच टीम के द्वारा शिकायत सुनने के बजाय सचिव सरपंच को ही बचाने के पक्ष में काम करने का आरोप लगाते हुए ग्रामीण आग बबूला हो गए।

ग्रामीणों ने जनपद सीईओ से लिखित में कहा है कि गांव में नाली निर्माण के नाम पर सरपंच बिलप बाई कुर्रे व सचिव संदीप मंडावी ने मिलीभगत कर फर्जी प्रस्ताव से नाली निर्माण शुरू किया गया है, लेकिन कार्य पूरा भी नहीं हुआ है और राशि पूरी आहरित कर ली गई है। वहीं 14 एवं 15 वित्त की योजना में फर्जी बिल व्हाउचर लगाकर लाखों रुपए सरपंच सचिव आहरित कर डकार लिए हैं। जबकि मौके पर कई कार्य हुए ही नहीं है जो रिकार्ड में बताया गया है।

मृत लोगों को मिल रहा राशन जिंदा को ठेंगा

ग्रामीणों के बताए अनुसार गांव में सरपंच सचिव की शिकायतों का अंबार है, लेकिन हद की बात तो ये है साल भर पहले से मृत हो चुके गांव के दर्जन भर लोगों को अभी भी राशन दिया जा रहा है, जबकि डेढ़ दो दर्जन हितग्राहियों के लिए हर माह राशन कम पड़ जा रहा है। जिन्हें राशन ही नहीं मिलता। सोसायटी का संचालन सरपंच के द्वारा ही किया जा रहा है।

कहने के लिए नाम मात्र गांव में महिला सरपंच है लेकिन फर्जी साइन से लेकर सारे काम सरपंच पुत्र मुकेश कर रहा है, ऐसा ग्रामीणों का आरोप है।

इस पूरे मामले पर प्रशासनिक पक्ष जानने जनपद सीईओ के मोबाईल नंबर में कॉल किया गया लेकिन उन्होंने कॉल ही रिसीव नहीं किया।

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