मुंगेली।
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) संघ के संविदा स्वास्थ्यकर्मियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल सोमवार को 15वें दिन भी जारी रही। मुंगेली के आगर क्लब स्थित धरना स्थल पर कर्मचारियों ने सरकार की संविदा नीति के खिलाफ पकौड़ा तलकर अनोखे तरीके से विरोध दर्ज कराया।
कर्मचारियों का कहना है कि हड़ताल के चलते प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। जिला अस्पताल, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, उप स्वास्थ्य केंद्र और आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में सेवाएं ठप हो गई हैं। बरसात में डायरिया, बुखार और उल्टी-दस्त जैसे मरीजों की संख्या बढ़ने से हालात और गंभीर हो रहे हैं।
कर्मचारी संघ के जिला अध्यक्ष पवन निर्मलकर ने कहा कि सरकार ने चुनाव पूर्व स्थायीकरण सहित कई वादे किए थे, लेकिन अब तक केवल आश्वासन ही मिला है। कर्मचारियों ने उप मुख्यमंत्री अरुण साव को ज्ञापन भी सौंपा, जिस पर उन्होंने आश्वस्त किया कि सरकार उनकी मांगों पर विचार कर रही है।

एनएचएम संघ की प्रमुख मांगों में नियमितीकरण, ग्रेड-पे, लंबित 27% वेतन वृद्धि, समान कार्य के लिए समान वेतन, स्थानांतरण नीति और सामाजिक सुरक्षा लाभ शामिल हैं।
गौरतलब है कि प्रदेशभर के 16 हजार से अधिक एनएचएम कर्मचारी हड़ताल पर हैं। इससे मलेरिया, टीबी, टीकाकरण, महामारी निगरानी और प्रसव सेवाओं जैसे राष्ट्रीय कार्यक्रम भी प्रभावित हो रहे हैं। कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ठोस कदम नहीं उठाए गए तो आंदोलन और उग्र होगा।
इस अवसर पर बड़ी संख्या में अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे, जिनमें डॉ. अखिलेश बंजारे, डॉ. मीनाक्षी बंजारे, मनीष गुप्ता, अमित दुबे, अमिताभ तिवारी, धीरज रात्रे, रितेश मिश्रा, माहेश्वरी पात्रे, मनीषा साहू, प्रियंका पात्रे, रुबेन दास, राजकुमार साहू, डॉ. ज्योति पाण्डेय, डॉ. शशांक उपाध्याय सहित अनेक स्वास्थ्यकर्मी शामिल थे।