किशोरी से दुष्कर्म के आरोप में फंसे रिटायर्ड इंस्पेक्टर दिनेश त्रिपाठी को निजी कार से पेशी पर ले जाने के मामले में जांच पूरी हो गई। जांच में दोनों सिपाहियों को दोषी पाते हुए उन्हें दंडित किया गया है।
उच्चाधिकारियों के निर्देश पर अब दोनों सिपाहियों को दलेल की सजा भुगतनी पड़ेगी। इस तरह की सजा कमिश्नरेट पुलिस में पहली बार
सिपाहियों को दी गई है। हालांकि इससे पहले किसी पुलिस कर्मी को इस तरह की सजा दिए जाने का मामला अबतक सामने नहीं आया है।
कानपुर शहर में तैनात रहे रिटायर्ड इंस्पेक्टर दिनेश त्रिपाठी अपने कारनामों की वजह से खासा चर्चा में रह चुके हैं, बीते दिनों एक बार फिर उनके कारनामे ने शर्मसार किया। चकेरी में किरायेदार की बेटी को हवस को शिकार बनाया, जिसपर दुष्कर्म का मुकदमा दर्ज होने पर उसे गिरफ्तार किया गया। मामले में कोर्ट में पेश करने के दौरान खातिरदारी
किए जाने को लेकर कानपुर पुलिस की काफी किरकिरी हुई थी। पुलिस के उच्चाधिकारियों ने सख्त हिदायत भी दी थी लेकिन पुलिस कर्मी फिर गलती दोहरा बैठे। बीते गुरुवार को कानपुर माती कोर्ट में एक मामले में पेशी के लिए दुष्कर्म के आरोपित रिटायर्ड इंस्पेक्टर दिनेश त्रिपाठी को ले जाना था। उसे कानपुर जेल से माती कोर्ट में निजी वाहन से ले जाकर पेश किया गया था, जबकि नियमों के अनुसार उसे सरकारी वाहन से ले जाना चाहिए था।