पुरी शंकराचार्य जी का छग प्रवास 23 से 28 सितम्बर तक

अरविन्द तिवारी की रिपोर्ट

रायपुर। ऋग्वेदीय पूर्वाम्नाय श्रीगोवर्द्धनमठ पुरीपीठाधीश्वर अनन्तश्री विभूषित श्रीमज्जगद्गुरु शंकराचार्य पूज्यपाद स्वामी श्रीनिश्चलानन्द सरस्वती जी महाराज चातुर्मास्य समाप्ति के पश्चात राष्ट्रव्यापी राष्ट्रोत्कर्ष अभियान के तहत दिनांक 23 सितम्बर से 28 सितम्बर तक छत्तीसगढ़ प्रवास पर रहेंगे। गौरतलब है कि पुरी शंकराचार्य जी का लगभग दो वर्षों के उपरांत छत्तीसगढ़ प्रवास हो रहा है। इन वर्षों में छत्तीसगढ़ में आयोजित किया जाने वाला पुरी शंकराचार्य जी का प्राकट्य महोत्सव भी कोरोना महामारी के कारण आयोजित नहीं हो पाया , अत: दो वर्ष की अवधि पश्चात शंकराचार्य जी के पदार्पण से शिष्यों एवं श्रद्धालु भक्तजनों में हर्ष और उल्लास है। प्रवास के प्रथम चरण में 23 और 24 सितम्बर को धमतरी महालक्ष्मी ग्रीन में नवनिर्मित श्रीराधाकृष्ण भवन में कार्यक्रम निर्धारित है। इसके पश्चात 25 सितम्बर सायं से रायपुर रावाभांठा स्थित शंकराचार्य आश्रम श्रीसुदर्शन संस्थानम् (बंजारी मंदिर से आगे बिलासपुर रोड) में 28 सितंबर तक कार्यक्रम निर्धारित है। धर्मसंघ पीठपरिषद् , आदित्यवाहिनी आनन्दवाहिनी , राष्ट्रोत्कर्ष अभियान के पदाधिकारी भक्तवृन्द , शिष्यवृन्द , श्रद्धालु भक्तजन प्रवास कार्यक्रम के प्रचार प्रसार में संलग्न हैं। ध्यान रहे , इस कोरोना महामारी की अवधि में जब प्रवास सम्भव नहीं हो पाया तब आधुनिक यान्त्रिक विधा का सदुपयोग करते हुये श्रीगोवर्द्धनमठ पुरी से पूज्यपाद महाराजश्री के मार्गदर्शन में विश्वस्तर पर हिन्दू राष्ट्र संघ अधिवेशन की श्रृंखला प्रारम्भ की गयी जिसके विभिन्न चरणों में पूरे विश्व के 150 से अधिक विभिन्न राष्ट्रों में निवासरत सनातनी हिन्दुओं ने सक्रियता पूर्वक सहभागिता की। हिन्दू धर्मावलम्बियों की भावना के अनुरूप तथा विश्व कल्याण हेतु पुरी शंकराचार्य जी ने उद्घोषणा की है कि अगले साढ़े तीन वर्षों में भारत आध्यात्मिक दृष्टि से हिन्दू राष्ट्र के रूप में स्थापित होगा तथा हिन्दू राष्ट्र संघ की अवधारणा के प्रथम चरण में भारत ,नेपाल एवं भूटान को हिन्दू द्वीप के रूप में स्थापित किया जायेगा। इस भव्य भारत की संरचना में युवा शक्ति की महत्वपूर्ण भूमिका होगी , अत: सम्पूर्ण राष्ट्र में शंकराचार्यजी द्वारा युवा शक्ति के लिये संस्थापित आध्यात्मिक एवं सामाजिक संगठन आदित्य वाहिनी की सेना तैयार की जा रही है जो धरातल स्तर पर हिन्दू राष्ट्र संघ स्थापना में विभिन्न प्रकल्पों के माध्यम से जनजागृति का अभियान चलायेगी एवं महाराजश्री के संदेशों को जन जन तक पहुँचायेगी। उपरोक्त संदर्भ में पुरी शंकराचार्य जी का यह प्रवास महत्वपूर्ण है , धमतरी सम्मेलन में पूरे बस्तर संभाग के सदस्यों को प्रशिक्षण एवं मार्गदर्शन प्राप्त होगा। वहीं श्रीसुदर्शन संस्थानम् के आयोजन में छत्तीसगढ़ के शेष संभाग के सदस्यगण हिन्दू राष्ट्र की स्थापना हेतु व्युहरचना में सहभागी होंगे। धमतरी एवं रायपुर में आयोजित प्रशिक्षण सत्र में पीठपरिषद् तथा मातृशक्ति के रुप में आनन्दवाहिनी के सदस्य स्वयं प्रशिक्षित होकर इस महाअभियान में युवाशक्ति का मार्गदर्शक मण्डल के रूप में मार्गदर्शन करेंगे। आध्यात्मिक ऊर्जा के साथ सुसंस्कृत , सुशिक्षित , सुरक्षित , सम्पन्न , सेवापरायण , सर्वहितप्रद व्यक्ति एवं समाज की संरचना हो तभी धर्मनियन्त्रित , पक्षपातविहीन , शोषणविनिर्मुक्त , सर्वहितप्रद शासनतन्त्र की स्थापना होगी जो कि रामराज्य स्थापना के भावना के अनुरूप होगा। इस अभियान में सहभागिता के लिये युवा शक्ति अपने अपने क्षेत्र के आदित्यवाहिनी से जुड़कर पूज्यपाद पुरी शंकराचार्य जी के दिव्य मार्गदर्शन में सम्मिलित होकर जीवन को धन्य बनावें। महाराजश्री द्वारा संस्थापित संगठन ने कोरोना प्रोटोकॉल ( मास्क , सोशल डिस्टेंसिंग) का पालन करते हुये शंकराचार्य महाभाग के दर्शन श्रवण लाभ लेने की अपील की है।

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