12 अगस्त को डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम को एक बार फिर फरलो मिली है। इसके बाद मंगलवार सुबह 6:30 बजे वह सुनरिया जेल से बाहर आ गया। रेप के केस में दोषी राम रहीम 20 साल की सजा काट रहा है।
राम रहीम पिछले 46 महीनों में 10 बार जेल से बाहर आ चुका है। इससे पहले 50 दिन की पैरोल पूरी कर वो 8 मार्च को ही जेल लौटा था। वहीं, नाबालिग बच्ची से रेप के दोषी और उम्रकैद की सजा काट रहे आसाराम को भी 7 दिनों की पैरोल मिली है।
पैरोल और फरलो क्या है, जिससे मर्डर और रेप के दोषी भी जेल से बाहर आ जाते हैं, यह कैसे और क्यों दी जाती है
सवाल 1: डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम और आसाराम किस अपराध की सजा काट रहे हैं?
जवाब: गुरमीत राम रहीम को रेप और मर्डर का दोषी पाया गया है, वहीं आसाराम पर नाबालिग से रेप जैसा गंभीर आरोप साबित हुआ है।
गुरमीत राम रहीम का केस
- 2002 में एक चिट्ठी चर्चा में आई, जिसमें डेरा सच्चा सौदा के चीफ राम रहीम पर साध्वियों से बलात्कार की कहानी लिखी थी। ये एक साध्वी की आपबीती जैसा था, जिसे भारत के तत्कालीन PM वाजपेयी और चीफ जस्टिस को भी भेजा गया।
- साध्वी ने चिट्ठी में लिखा, ‘मुझे कमरे में बुलाया गया। महाराज ने टीवी बंद किया और मुझे साथ बिठाकर पानी पिलाया और कहा कि मैंने तुम्हें अपनी खास प्यारी समझकर बुलाया है। उन्होंने मुझे जकड़ते हुए कहा कि हम तुझे दिल से चाहते हैं।
- यह पत्र सबसे पहले सिरसा के पत्रकार रामचंद्र छत्रपति ने अपने सांध्य अखबार पूरा सच में प्रकाशित किया था। बाद में रामचंद्र छत्रपति की हत्या हो गई थी।
- 15 साल बाद 2017 में इसी पत्र के आधार पर गुरमीत राम रहीम को साध्वी यौनशोषण के मामले में 20 साल की सजा सुनाई गई थी। फिलहाल वो रोहतक जिले की सुनारिया जेल में बंद है।