छत्तीसगढ़ पुलिस सेवा के वर्ष 2013 बैच के आईपीएस अधिकारी भोजराम पटेल को मुंगेली जिले के पुलिस अधीक्षक (SP) पद से वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) पद पर पदोन्नत किया गया है। पदोन्नति के अवसर पर बिलासपुर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक रामगोपाल गर्ग तथा बिलासपुर एसएसपी रजनीश सिंह ने उन्हें कॉलर बैज लगाकर सम्मानित किया।
भोजराम पटेल मूल रूप से रायगढ़ जिले के खरसिया विकासखंड स्थित तारापुर गांव के निवासी हैं। उन्होंने शिक्षाकर्मी के रूप में सेवा देते हुए UPSC परीक्षा उत्तीर्ण की और 23 दिसंबर 2013 को भारतीय पुलिस सेवा में चयनित हुए। उन्होंने सरदार वल्लभभाई पटेल राष्ट्रीय पुलिस अकादमी, हैदराबाद से प्रशिक्षण प्राप्त किया।
उनकी पहली फील्ड पोस्टिंग प्रशिक्षु आईपीएस के रूप में रायपुर जिले में हुई, जहां उन्होंने धरसींवा थाना प्रभारी के रूप में कार्य किया। इसके बाद वे दुर्ग में सीएसपी, तथा राज्यपाल के एडीसी (परिसर) के रूप में भी सेवाएं दे चुके हैं। पुलिस अधीक्षक के रूप में उनकी पहली तैनाती कांकेर जिला रही। इसके पश्चात उन्होंने गरियाबंद, कोरबा, महासमुंद और मुंगेली जिलों में एसपी के रूप में प्रभावी कार्य किया।
कोरबा जिले में पदस्थापना के दौरान उन्होंने पुलिसकर्मियों के लिए साप्ताहिक अवकाश प्रणाली की शुरुआत की, जिससे कोरबा प्रदेश का पहला जिला बना जहां यह व्यवस्था लागू हुई।
मुंगेली जिले में अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने ‘पहल’ अभियान की शुरुआत की, जिसके माध्यम से 50 हजार से अधिक लोगों को लाभान्वित किया गया। इस अभियान के अंतर्गत साइबर अपराध, नशामुक्ति और यातायात नियमों को लेकर व्यापक जनजागरूकता फैलाई गई। इसमें समाज की बुनियादी कड़ियों जैसे कोटवारों और महिलाओं की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की गई। कोटवारों को आधुनिक पुलिसिंग से जोड़ा गया, वहीं महिलाओं को उनके अधिकारों एवं आत्मरक्षा से संबंधित प्रशिक्षण प्रदान किया गया।
इसके अतिरिक्त, वरिष्ठ नागरिकों के लिए ‘सियान’ कार्यक्रम संचालित किया गया, जिससे समाज के हर वर्ग—बच्चे, महिलाएं और बुजुर्ग—को सुरक्षा और भरोसे का अनुभव मिला।
नक्सल प्रभावित जिलों और ग्रामीण अंचलों में कार्य करते हुए भोजराम पटेल की कार्यशैली ने पुलिस और समाज के बीच संवाद को सशक्त किया है। उनकी पहल से पुलिस की पारंपरिक सख्त छवि को एक संवेदनशील, सहयोगी और जन-हितैषी स्वरूप मिला। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के रूप में पदोन्नति के साथ अब भोजराम पटेल व्यापक स्तर पर प्रशासनिक एवं सामुदायिक दायित्वों के निर्वहन के लिए पूरी तरह तैयार हैं।