सब इंजीनियर सोनल का सुसाइड अटेंप पर नया मोड़,पंचायत सचिवों ने संघ के माध्यम से सौंपा ज्ञापन

सोनल जैन के विकृत मानसिकता से काम करने और नकारात्मक अवधारणाओ की मानसिकता से हो रहे छवि धूमिल पर कठोर कार्यवाही के लिए सौंपा ज्ञापन

पूर्व में पदस्थ अधिकांश जगहों में यही स्टंट से अपने पक्ष में सहानुभूति की होती रही साजिश

इन्हीं गतिविधियों के कारण हो चुकी है निलंबित.

मुंगेली। जनपद पंचायत में पदस्थ सब इंजीनियर सोनल जैन द्वारा पंचायत अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों पर लगाए गए कथित मानसिक प्रताड़ना के आरोपों को पंचायत सचिव संघ ने पूरी तरह से निराधार बताया है। इस संबंध में संघ ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपते हुए अपना पक्ष स्पष्ट किया।

सचिव संघ ने ज्ञापन में उल्लेख किया कि पंचायत क्षेत्र में सभी कर्मचारी और जनप्रतिनिधि आपसी सहयोग, सामंजस्य और सकारात्मक कार्य वातावरण में कार्य कर रहे हैं। ऐसे में सोनल जैन द्वारा लगाए गए आरोप भ्रामक और असत्य हैं, जिनसे जनपद एवं जिला पंचायत की छवि पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है।

सचिव संघ का कहना है कि यदि सोनल जैन वास्तव में पिछले दो वर्षों से प्रताड़ना का सामना कर रही थीं, तो वे सक्षम अथॉरिटी के सामने औपचारिक शिकायत दर्ज कराकर जांच की मांग कर सकती थीं। संघ ने यह भी बताया कि उनके कार्य व्यवहार और मूल्यांकन को लेकर उनके प्रभार वाले क्षेत्रों के सरपंचों और सचिवों ने पूर्व में असंतोष जताते हुए सीईओ से शिकायत की थी। संघ ने यह भी आरोप लगाया कि वे सरपंचों पर निजी शिकायत दर्ज कराने का दबाव डालती थीं। इन सब परिस्थितियों को देखते हुए सचिव संघ ने उनके विरुद्ध उचित कार्रवाई करने की मांग की है।

इसी दौरान ग्राम पंचायत बिरगहनी की सरपंच ने निर्माण कार्य के मूल्यांकन के लिए पैसे की मांग किए जाने की शिकायत की है। सरपंच का कहना है कि गांव में स्वीकृत आरसीसी सड़क का निर्माण कार्य तीन माह पूर्व पूरा हो चुका है, लेकिन सब इंजीनियर सोनल जैन द्वारा अभी तक मूल्यांकन नहीं किया गया और मूल्यांकन करने के बदले कथित रूप से पैसों की मांग की गई।

सब इंजीनियर सोनल जैन अपने पूर्व कार्यकाल में भी विवादों में रही हैं। रायगढ़ जिले के बरमकेला जनपद में पदस्थ रहते हुए वर्ष 2019 के स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम के दौरान उन्होंने वरिष्ठ अधिकारियों से कथित दुर्व्यवहार एवं अनुशासनहीनता की। इसके चलते उन्हें पुलिस द्वारा गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। इसके बाद 17 अगस्त 2020 को उन्हें निलंबित किया गया था और उनके विरुद्ध विभागीय जांच अब भी जारी है।

सचिव संघ ने सोनल जैन के कथित आचरण को अनुशासनहीन बताते हुए प्रशासन से आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की है।

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