भ्रामक खबरों के लिए देवभोग के संदिग्धों की हुई पहचान,मीडिया को हथियार बनाकर भयादोहन से वसूली बाजी हुई उजागर

रायपुर/गरियाबंद। पुराने कामों के हवाले से गरियाबंद जिले के आदिवासी विभाग में हुए कामों के लगातार आरटीआई के माध्यम से जानकारी लेने के बावजूद धनशोधन की लालसा में सहायक आयुक्त को ब्लैक मेल करने देवभोग के कुछ कथित मीडिया प्रतिनिधि/सोशल एक्टिविस्ट के बहाने भ्रामक खबरों को रायपुर के एक अधिवक्ता के नाम पीएमओ ऑफिस मनगढ़ंत शिकायत बनाकर सोशल मीडिया में वायरल करने की घटना को अंजाम दिया जा रहा है।

इस कुत्सित प्रयास के बाद गरियाबंद जिला प्रशासन एवं पुलिस की गोपनीय टीम ने भ्रामक खबर में शामिल लोगों की पहचान कर कार्यवाही कर रही है, साथ ही अधिवक्ता के विरुद्ध छत्तीसगढ़ विधि परिषद की अनुशासन समिति में शिकायत की गई है।

बता दें गरियाबंद जिले में शिक्षा विभाग एवं आदिवासी विभाग के द्वारा समय समय पर रखरखाव, जीर्णोद्धार,नव निर्माण के कार्य आवश्यकता अनुसार विधिवत निविदा प्रक्रिया से कलेक्टर के अनुमोदन के बाद किए गए। इन्हीं सब कार्यों के बहाने कुछ गरियाबंद मुख्यालय से 130 किलोमीटर दूर के विकासखंड देवभोग के कुछ संदिग्ध लोगों द्वारा लगातार प्रभारी सहायक आयुक्त को ब्लैक मेल कर धनशोधन के लिए भयादोहन की साजिश रची गई ।

जिसमें कुछ समाचार पत्रों पर भ्रामक खबरों के साथ पीएमओ ऑफिस एक अधिवक्ता का शिकायत बनाकर सोशल मीडिया में वायरल कर छवि खराब करने का प्रयास किया गया। पूरा मामला संज्ञान में आने के बाद जिला प्रशासन द्वारा शिकायत कर पुलिस की गोपनीय टीम के माध्यम से मामले की पड़ताल कर आवश्यक कार्यवाही की जा रही है।

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