- अज्ञात उपद्रवियों के विरुद्ध शासकीय संपत्ति क्षति करने व अन्य धाराओं में अपराध दर्ज
- शीघ्र जमींदोज हुए अपराधी होंगे बेनकाब
मुंगेली। मुंगेली–बिलासपुर मार्ग श्री पेट्रोल पंप के ठीक सामने अनैतिक रूप से डिवाइडर तोड़ देने के बाद दुपहिया वाहनों की आवाजाही से कुछ दिनों पूर्व एक युवक की मौत हो जाने के बाद कल यानी 9 जनवरी की शाम जिला प्रशासन की पूरी टीम ने स्वयं खड़े होकर देर रात तक पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों, ठेकेदार से डिवाइडर बंद कर किसी आगामी घटना को रोकने काम कराया गया था मगर 10 जनवरी देर रात कुछ विघ्नसंतोषी, उपद्रवियों ने पुनः डिवाइडर तोड़ लोगों का जीवन असुरक्षित कर दिए थे ।
पूरी घटना की जानकारी सुबह जब पुलिस कप्तान भोजराम पटेल को हुई तब स्वयं ही मोर्चा संभाल संदिग्ध को थाने बिठाया इतना ही नहीं गंभीर धाराओं में अपराध भी दर्ज कर मामले की गंभीरता और घटना स्थल को वापस डिवाइडर पुलिस की मौजूदगी में शनिवार कराया गया। हालांकि सारी जद्दोजहद पुलिस के ही लिए कोई जरूरी नहीं थी।
पूरे मामले में तहसील स्तर के अधिकारी को जिम्मेदारी पूर्वक काम करना था मगर ओर मामले में राजस्व या तहसील स्तर के अधिकारी साइड रहे। खैर पूरे मामले में पुलिस अधीक्षक और मुंगेली कोतवाली पुलिस की प्रशंसा तो बनती है ताकि अब लोग सुरक्षित इस क्षतिग्रस्त डिवाइडर वाले स्थान से सुरक्षित आवाजाही कर सकेंगे।

~ लोक संपत्ती को नुकसान पहुचाने वाले अज्ञात व्यक्ति के विरूद्ध दर्ज की गई एफ0आई0आर
आवेदक एसके सतपती लोक निर्माण सभांग कार्यपालन अभियंता मुंगेली थाना सिटी कोतवाली के द्वारा थाना उपस्थित आकर लिखित रिपोर्ट दर्ज कराया की लोक निर्माण विभाग भ/स मुंगेली संभाग मुंगेली के द्वारा दिनांक 09.01. 2026 को गीधा से दाउपारा फोरलेन मार्ग में स्थित श्री श्री फ्युल्स के सामने खुले डिवाईडर को जनसुरक्षा को ध्यान में रखते हुये ईट से जोडाई कर बंद कराया गया था।

जिसे रात्रि में किसी अज्ञात व्यक्ति के द्वारा डिवाईडर को तोडकर शासकीय संपत्ती को नुकसान पहुंचाया गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुये पुलिस अधीक्षक भोजराम पटेल, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुश्री नवनीत कौर छाबड़ा एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मयंक तिवारी के निर्देशन में थाना प्रभारी सिटी कोतवाली मुंगेली निरीक्षक कार्तिकेश्वर जांगड़े के द्वारा तत्काल थाना सिटी कोतवाली मुंगेली में अज्ञात व्यक्ति के विरूद्ध अपराध क्रमांक 10/2026 धारा लोक संपत्ती का नुकसानी का निवारण अधि. 1984 की धारा 3 एवं 290,324(3) भारतीय न्याय संहिता पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया है।