गौसेवा आयोग के अध्यक्ष ने किया केंद्रीय जेल गौशाला का निरीक्षण

बिलासपुर। केंद्रीय जेल परिक्षेत्र बिलासपुर में अखिल भारतीय जैन दिवाकर मंच गौशाला वर्ष 2006 में स्थापित की गई थी। उस समय मात्र 11 गायों से प्रारंभ हुई यह गौशाला आज लगभग 130 गौवंश की सेवा केंद्र बन चुकी है। यहां की विशेषता यह है कि गौसेवा का कार्य जेल बंद कैदियों द्वारा किया जाता है। वर्तमान में प्रतिदिन सुबह-शाम मिलाकर लगभग 90 लीटर दूध का उत्पादन होता है, जिसे बेचा जाता है। साथ ही, गाय के गोबर से दिए, खाद, अगरबत्ती, गोकाष्ठ जैसे उत्पाद भी बनाए जाते हैं। गौ शाला व्यवस्था को लेकर उन्होंने सेवकों की भी सराहना की।

गौ सेवा आयोग के अध्यक्ष विशेषर पटेल ने गौशाला का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने कैदियों से संवाद करते हुए गौसेवा के लाभ बताए और कहा कि बहुत जल्द गो काष्ठ और गौमूत्र आधारित योजनाएं शुरू की जाएंगी, जिसके लिए शासन की ओर से सहयोग मिलेगा। उन्होंने जेल प्रशासन को भूमि विस्तार की योजना बनाने के निर्देश दिए और गौशाला में गैस प्लांट स्थापित करने तथा गोबर से निर्मित वस्तुओं के उत्पादन को बढ़ाकर गौशाला को आत्मनिर्भर बनाने पर जोर दिया।

श्री पटेल ने गौशाला की देखभाल कर रहे दिवाकर जैन समाज के सदस्यों से भी मुलाकात की और उनके कार्य की सराहना करते हुए धन्यवाद ज्ञापित किया। उन्होंने कहा कि यह क्षेत्र कृषि प्रधान है और इसे गौसेवा का हब बनाकर विकसित करने का प्रयास किया जाएगा, ताकि किसानों को पौष्टिक खाद मिले और गौमूत्र से औषधि निर्माण हो सके। उन्होंने सभी से मिलकर गौवंश संरक्षण और संस्कृति बचाने का आह्वान किया।

निरीक्षण से पूर्व नगरवासियों एवं समाजसेवियों ने श्री पटेल का पुष्पमाला, शॉल और श्रीफल भेंटकर सम्मान किया।

इस अवसर पर सुधीर जैन, महिपाल सुराना, सुनीता जैन, संजय यादव, एमआईसी मेंबर मनीष मोटवानी, विश्व हिंदू परिषद प्रांत सेवा प्रमुख, सुनीला जैन (मेहकर, महाराष्ट्र), डॉ. ओतलवार, मनीष शर्मा, जितेंद्र चौबे सहित जेल के अधिकारीगण उपस्थित रहे।

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