प्रशासनिक निगरानी में बंद किए डिवाइडर को आधी रात तोड़ा गया

डिवाइडर तोड़ने और युवक की मौत के बाद देर रात हुए निर्माण पर पेट्रोल पंप संचालक और कर्मचारियों की दिखी खुलकर गुंडागर्दी

मुंगेली। मुंगेली–बिलासपुर मार्ग श्री पेट्रोल पंप के ठीक सामने अनैतिक रूप से डिवाइडर तोड़ देने के बाद दुपहिया वाहनों की आवाजाही से कुछ दिनों पूर्व एक युवक की मौत हो जाने के बाद कल यानी 9 जनवरी की शाम जिला प्रशासन की पूरी टीम ने स्वयं खड़े होकर देर रात तक पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों, ठेकेदार से डिवाइडर बंद कर किसी आगामी घटना को रोकने काम किया गया मगर रात 1.30 बजे अचानक पेट्रोल पंप के संचालक और कर्मचारियों द्वारा बंद किए डिवाइडर को रातों रात तोड़ कर पुनः डिवाइडर ब्रेक कर मार्ग खोल दिया गया।

बताया जा रहा है कि पूरी घटनाक्रम में एक तहसील स्तर के अधिकारी की भूमिका भयंकर संदिग्ध नजर आ रही है।

आसपास के प्रत्यक्षदर्शी लोग से मिल रही जानकारी के मुताबिक दोपहर पहुंचे तहसील स्तर के अधिकारियों ने जिस डिवाइडर के चलते मौत हुई उस डिवाइडर को बंद ना करते हुए बगल छोटे से डिवाइडर को बंद कर खानापूर्ति करने की साजिश चल रही थी ।

मगर जागरूक जनता ने जब बड़े मौत होने वाले डिवाइडर बंद करने हो हंगामा शुरू किया तब वहां से सभी उपस्थित टीम भाग खड़ा हुए जिसकी खबर प्रकाशित होने के बाद देर रात जिला प्रशासन ने पुनः पूरी टीम भेजकर बड़े डिवाइडर को बंद करने का काम करवाया गया।

यह भी बताना लाजिमी है कि इसी बड़े डिवाइडर को ही तोड़कर जो पेट्रोल पंप संचालक ने दुस्साहस दिखाई थी युवक के मौत की घटना का कारण भी वही था जब यह दुर्घटना हुई थी तब पेट्रोल पंप संचालक ने 24 घंटे में स्वयं डिवाइडर बंद करने का लिखित दिया था

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जिसके बाद ही पेट्रोल पंप संचालक पर युवक की मौत के लिए कोई बड़ी कार्यवाही टल भी गई मगर अब कुछ महीनों बाद भी पेट्रोल पंप संचालक ने प्रशासन को धत्ता बताते हुए डिवाइडर बंद नहीं कराया तब 9 जनवरी को देर रात जिला प्रशासन द्वारा मौत की घटना की पुनरावृत्ति रोकने यह काम कराया गया बावजूद काम होने के चंद मिनटों बाद ही बंद किए डिवाइडर को ध्वस्त करा दिया गया।

ऐसे में सड़क सुरक्षा समिति के बैठकों अथवा किसी बड़ी दुर्घटना को रोकने प्रशासन ने कड़ा कदम उठाया तब भी पेट्रोल पंप संचालक अथवा उनके कर्मचारियों द्वारा देर रात डिवाइडर वापस तुड़वा देने का मामला तुल पकड़ता जा रहा है मगर प्रशासनिक तौर पर अब तक कोई कार्यवाही नहीं हो पाई है।

अब देखना यह होगा कि डिवाइडर तोड़ने पर जिला प्रशासन अगला क्या कदम उठाकर बड़ी कार्यवाही करती है या फिर मामला ठंडे बस्ते में डालकर किसी बड़ी दुर्घटना या मौत का इंतजार किया जाता है। बहरहाल अब वापस डिवाइडर तोड़ने के बाद पेट्रोल पंप के सामने दुपहिया वाहनों के क्रॉस होने के चलते हर मिनट मौत या कोई बड़ी दुर्घटना की आशंका बनी रहेगी।

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