amrittimes.com के खबर का हुआ त्वरित असर, कलेक्टर ने अदृश्य रूप से चार्ज सम्भाल रहे सहायक आयुक्त नवीन भगत को कराया कार्यमुक्त

गरियाबंद। लंबे समय से जिले के आदिवासी विभाग में प्रभारी सहायक आयुक्त नवीन कुमार भगत के विरुद्ध भ्रष्टाचार, अनियमितताओं की लगातार शिकायतें,धरना आंदोलनों के बाद स्थानांतरण आदेश का पालन महीनों बाद 11 दिसंबर को भारमुक्त करा लिया गया।

लंबे समय से अपर कलेक्टर नवीन कुमार भगत के लिए जिला प्रशासन शाफ़्ट कॉर्नर रहकर मनमानी जैसे रवैए से काम को अंजाम दिया जा रहा था जिसके बाद क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों एवं ग्रामीणों की लगातार शिकायत के बाद कलेक्टर भगवान सिंह उइके को यह निर्णय लेना पड़ा।

बता दें 2023 से प्रभारी सहायक आयुक्त नवीन कुमार भगत अपने माध्यम से आदिवासी विभाग में करोड़ों रुपए के टेंडर की प्रक्रिया करवाए जिसमें हर समय भयंकर भ्रष्टाचार की शिकायत हुई मगर जांच का अभाव रहा। अपर कलेक्टर नवीन कुमार भगत अपने आप को मंत्री,बड़े नेताओं के करीबी होने के हवाले से मनमानी पूर्ण काम करते रहे और बहुत हद तक जिला प्रशासन भी चुप्पी साधे रहा मगर लगातार शिकायतों व जिले के जिम्मेदार वरिष्ठ अधिकारियों पर लगातार दबाव के बाद यह निर्णय लिया गया जिसके बाद अंततः 11 दिसम्बर को प्रभारी सहायक आयुक्त नवीन कुमार भगत को अपने जबरिया प्रभार से मुक्त होने बाध्य होना पड़ा।

अभी भी है एक दर्जन से अधिक विभाग में प्रभारी….

अत्यंत विचारणीय तथ्य अपर कलेक्टर नवीन कुमार भगत के लिए यह भी है कि गरियाबंद जिले के दर्जन भर से अधिक मलाईदार विभाग में किसी ना किसी रूप में प्रभारी की हैसियत से अपर कलेक्टर नवीन कुमार भगत को एडजस्ट रखा गया है जिसके कारण कोई भी उन विभागों की फाइल बिना अपर कलेक्टर नवीन कुमार भगत के अधो हस्ताक्षर के आगे मूव नहीं होती है जिससे उन सभी विभागों में भी बेवजह दखलंदाजी होने की शिकायत बनी हुई है। मगर लंबे विवाद के बाद अपर कलेक्टर नवीन कुमार भगत के आदिवासी विभाग के सहायक आयुक्त के प्रभार से पूर्णतया हटा दिए जाने के बाद अब विभाग के मूलभूत काम तेजी से होने के कयास लगाए जा रहे हैं जिसमें हॉस्टल के संचालन,व्यवस्था और करोड़ों के लंबित निर्माण रखरखाव के काम को तेजी से गति दी जा सकेगी।

आदिवासी विभाग 3 साल में हुए करोड़ों के टेंडर की हो जांच

बता दें अपर कलेक्टर नवीन कुमार भगत को 2023 से आदिवासी विभाग गरियाबंद में प्रभारी सहायक आयुक्त का प्रभार दिया गया और प्रभारी होने के बाद रखरखाव,नवीन निर्माण एवं अन्य कामों के करोड़ों के टेंडर बाहरी ठेकेदारों को बंदरबाट करने के आरोप लगते रहे है बहुत से काम के भ्रष्टाचारों की सूक्ष्मता से जांच कार्यवाही की जानी चाहिए ताकि बड़े भ्रष्टाचार का खुलासा हो सके साथ ही दोषियों और संलिप्त लोगों को कड़ी से कड़ी कार्यवाही कर दंडित किया जाए। इसके लिए एक विशेष जांच टीम गठित कर अलग अलग शिकायतों की जांच की जानी चाहिए।

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