केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में वामपंथी उग्रवाद की स्थिति पर विभागीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की।




बैठक में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय, उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा, आसूचना ब्यूरो (IB) के निदेशक, केन्द्रीय गृह मंत्रालय में विशेष सचिव (आंतरिक सुरक्षा), केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF), राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA), सीमा सुरक्षा बल (BSF) और भारत तिब्बत सीमा पुलिस बल (ITBP) के महानिदेशक, छत्तीसगढ़ के मुख्य सचिव एवं पुलिस महानिदेशक सहित कई वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया।
बैठक को संबोधित करते हुए केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में डबल इंजन की सरकार नक्सलवाद के समूल नाश में कोई कोर-कसर नहीं छोड़ रही है। उन्होंने कहा कि 31 मार्च से पहले ही छत्तीसगढ़ सहित पूरे देश में नक्सलवाद एक इतिहास बन जाएगा।
केन्द्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह ने कहा कि नक्सलवाद के कारण कई पीढ़ियाँ बर्बाद हो गई हैं। उन्होंने कहा कि नक्सलवाद फिर से जड़ न जमा पाए इसलिए इसका समूल नाश आवश्यक है। गृह मंत्री ने यह भी कहा कि नक्सलियों के खिलाफ जारी लड़ाई को स्केटर्ड नहीं होने देना है। उन्होंने कहा कि एक राज्य से दूसरे राज्य में भाग रहे नक्सलियों को पकड़ने के लिए राज्य पुलिस और केन्द्रीय सुरक्षा एजेंसियाँ में समन्वय और बेहतर होना चाहिए।
श्री अमित शाह ने कहा कि छत्तीसगढ़ में विकास और सुरक्षा दोनों ही मोर्चों पर प्रगति संतोषजनक हुई है। उन्होंने छत्तीसगढ़ प्रशासन से नक्सल प्रभावित इलाकों में सरकारी योजनाएं जन-जन तक पहुंचाने के लिए बनाई गई ‘नियद नेल्लानार’ को सुरक्षा बलों के शिविरों के 5 किलोमीटर के दायरे से बढ़ाकर 10 किलोमीटर करने को कहा। श्री शाह ने यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि नक्सल प्रभावित क्षेत्रों की जनता को विकास के समान अवसर मिले। केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि नक्सल विरोधी अभियान का मोमेंटम किसी भी सूरत में कम नहीं होना चाहिए।