मुंगेली। अवैध कालोनाईजरो पर कार्यवाही और लगातार हुए डायवर्सन के खेल में एसडीएम दफ्तर चारों तरफ से घिरता नजर आ रहा है। मुंगेली एसडीएम कार्यालय जहां अन्य विभाग के सलंग्न कर्मचारियों द्वारा जो राजस्व के दस्तावेजों को और अपने ही वरिष्ठ अधिकारियों के दामन में कालिख पोतने कोई कसर नहीं छोड़ी गई।
एक तरफ एसडीएम अवैध कालोनाईजरो पर कार्यवाही कर उन खसरों को प्रतिबंधित कर पंजीयक कार्यालय में रजिस्ट्री रोकी गई वही उन्हीं खसरों के डायवर्सन कर मोटी रकम लेनदेन किया जाता रहा है ऐसे में अब सवाल यह उठता है क्या इन प्रकरणों की शिकायत कलेक्टर साहब के सामने प्रामाणिक रूप से रखी जाए तब क्या वो एसडीएम के निलंबन के लिए अनुशंसा करेंगे?
बता दें एसडीएम कार्यालय के अंतर्गत अब तक हुई संपूर्ण कार्यवाहियों में अधिकांश कार्यवाही के अवैध प्लाटिंग के खसरों की भूमि के डायवर्सन किए गए है जो कि स्वमेव एक अपराध जन्य कृत्य है।
ऐसे में अब देखना यह है कि एक एसडीएम के लिए जिला प्रशासन के कार्यवाही के लिए क्या रुख होगा अथवा बिना किसी कार्यवाही के अभयदान देकर एसडीएम को अभयदान दे दिया जाएगा।