
जहर सेवन कर किसान की थी आत्महत्या की कोशिश
गौरेला/पेंड्रा/मरवाही। चुक्तिपानी ग्राम पंचायत सेमर दर्री थाना मरवाही निवासी बालम सिंह पिता सुखदेव उम्र 50 वर्ष जोकि घर पर अकेला था घर के सभी लोग खेती-बाड़ी के काम से खेत गए हुए थे,अज्ञात कारणों से कीटनाशक का सेवन कर लिया था जब सभी लोग अपने अपने कामों से शाम को घर वापस आए तो वह उन्होंने पाया कि बालम सिंह गंभीर बेहोशी की हालत में जमीन पर पड़ा हुआ था और वही कीटनाशक बिखरा हुआ था। उसकी गंभीर अवस्था को देखकर उसके परिजनों ने आपातकालीन सेवा डायल 108 को सूचना दी सूचना पाकर संजीवनी एक्सप्रेस 108 के इमरजेंसी ड्यूटी में तैनात ईएमटी गणेश्वर प्रसाद पायलट जितेंद्र चतुर्वेदी घटनास्थल के लिए रवाना हुए जहां भाटा टिकरा सिमर दरी पहुंचने के पश्चात उनको पता चला कि जहां पर उक्त घटना घटी है वहां किसी प्रकार का चार पहिया या दो पहिया वाहन खराब मार्ग होने के कारण नहीं पहुंच सकता परिस्थितियों को समझते हुए और उसका आकलन करते हुए बिना देर किए 108 के आपातकालीन ड्यूटी में तैनात स्टाफ ने बिना देर किए चारपाई का झूला बना कर जंगल में बने पगडंडियों के रास्ते चलकर एंबुलेंस तक पहुंच वाया । खतरनाक कीटनाशक जहर का सेवन करने के कारण मरीज की स्थिति बहुत ज्यादा खराब थी जहर पूरा शरीर में फैल चुका था जिस कारण मरीज को दौरे पड़ने शुरू हो गए थे परिस्थिति को भांपते हुए ईएमटी गणेश प्रसाद ने तत्काल परीक्षण उपरांत इआरसीपी की सहायता से आपातकालीन दवाइयों और इमरजेंसी केयर शुरू किए और बिना समय गवाएं।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मरवाही ले गए और उनको भर्ती करवाया तब तक मरीज की स्थिति पहले से बेहतर हो चुकी थी।यहां एक चीज तो स्पष्ट है की बेहतरीन और गुणवत्तापूर्ण आपातकालीन सेवाओं की बदौलत आज किसी की जान बच पाई। परंतु इसका एक पहलू यह भी है की कितनी सरकारें आई और गई ,विकास के नाम पर करोड़ों अरबों खर्चे गए लेकिन आज भी हमारे प्रदेश में कुछ जगहों , गांव स्थिति मैं किसी प्रकार का सुधार नहीं हुआ आज भी ऐसे कई गांव है जो की मूलभूत सुविधाओं से वंचित है। यह एक चिंतनीय विषय है