रेलवे स्टेशन में सतर्क हुआ स्वास्थ्य अमला
बिलासपुर। केरल, महाराष्ट्र व आंध्र प्रदेश में कोरोना संक्रमितों का आंकड़ा बढ़ रहा है। इसे देखते हुए इन राज्यों के अलावा अन्य प्रदेशों के ऐसे यात्री, जो ट्रेन से सफर कर शहर पहुंच रहे हैं उन सभी को अब सात दिन क्वारंटाइन में रहना होगा। जोनल स्टेशन में जांच के दौरान ऐसे यात्रियों को स्वास्थ्य विभाग की टीम यह जानकारी दे रही है। निगेटिव रिपोर्ट के बाद भी यह जरूरी है। दरअसल स्वास्थ्य विभाग का मानना है कि यात्रा शुरू करने के पहले यात्री कोरोना जांच कराते हैं। इस दौरान जो रिपोर्ट मिलती है उसे लेकर चलते हैं। ट्रेन में उनके संक्रमित होने की आशंका ज्यादा है। यह सावधानी शहर को कोरोना विस्फोट से बचा सकती है।
तीन राज्यों में संक्रमण फैल रहा है। हालांकि शहर में अभी स्थिति नियंत्रण में है। पर ट्रेनों के जरिए संक्रमण को बढ़ने में ज्यादा समय नहीं लगेगा। ऐसे में जरूरी है कि स्टेशन में नियंत्रण कर संक्रमितों की पहचान की जा सके। 16 मार्च से स्वास्थ्य विभाग की टीम स्टेशन में डटी है और हर यात्री की जांच कर रही है। बीच में संक्रमित यात्रियों की संख्या एक या दो पर आ गई थी। पर अब प्रतिदिन 10 से 13 यात्री मिल रहे हैं। इसे देखते हुए ही स्वास्थ्य विभाग ने जांच बढ़ा दी है। इसके अलावा यह भी कहा जा रहा है कि यात्री चाहे केरल से आए या महाराष्ट्र से। किसी भी राज्य से हों सफर के बाद उन्हें सात दिन क्वांरटाइन होना जरूरी है। यह उपाय उनकी खुद की सुरक्षा करेगी। साथ ही स्वजन भी संक्रमण की चपेट में नहीं आएंगे। सात दिन के भीतर लक्षण आने लगता है। क्वांटरटाइन की अवधि में यदि लक्षण नजर आए तो तत्काल स्वास्थ्य विभाग को इसकी सूचना दें।
नाम, पता व मोबाइल नंबर कर रहे दर्ज
स्टेशन में यात्रियों का नाम, पता व मोबाइल नंबर भी एक रजिस्टर में दर्ज किया जा रहा है। ताकि यात्रियों का रिकार्ड उनके पास रहे। मोबाइल नंबर पर काल कर स्वास्थ्य की जानकारी भी ली जा रही है। स्टेशन में यदि एंटीजन जांच में कोई संक्रमित मिलता है तो उसे अस्पताल में भर्ती करने की व्यवस्था भी करने की बात कही जा रही है।