धान की फसल हो नुकसान की आशंका,गायब हुई ठंड, जानें प्रदेशभर का हाल
रायपुर/बिलासपुर। छत्तीसगढ़ में बीते दो दिनों से मौसम का मिजाज बदल गया है। राजधानी सहित प्रदेशभर में छाए बादलों से रात की ठंड कम हो गई है। वहीं आज सुबह से ही रायपुर व बिलासपुर के क्षेत्र में हल्की बारिश हो रही है। बादलों के कारण रात का तापमान राजधानी में रात का पारा सामान्य से 5 डिग्री सेल्सियस अधिक हो गया है। प्रदेश के सभी प्रमुख शहरों में भी बदली का असर स्पष्ट नजर आ रहा है।
मौसम विभाग के अनुसार एक कम दबाव का क्षेत्र उत्तर अंदरूनी तमिलनाडु और उसके आसपास स्थित है। इसके साथ ऊपरी हवा का चक्रीय चक्रवाती घेरा 5.8 किलोमीटर ऊंचाई तक विस्तारित है, एक द्रोणिका उत्तर अंदरूनी तमिलनाडु में स्थित निम्न दाब के केंद्र से उत्तर तटीय उड़ीसा तक 0.9 किलोमीटर ऊंचाई तक स्थित है।
प्रदेश के कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम वर्षा होने अथवा गरज चमक के साथ छींटे पड़ने की संभावना है, वर्षा का क्षेत्र मुख्यतः मध्य छत्तीसगढ़ रहने की संभावना है। बस्तर संभाग में भी बारिश हो रही है, तो वहीं कोरबा, रायगढ़, अंबिकापुर और कवर्धा में भी बादल छाए हुए हैं।
धान की फसल हो नुकसान की आशंका
वहीं इस वक्त हुई अचानक बारिश ने किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें भी खींच दी हैं। अचानक बादलों की तेज गर्जन के साथ सवेरे झमाझम बारिश ने धान उत्पादक किसान की चिंता बढा दी है। बारिश के साथ यदि तेज हवा चलती है तो धान की पकी फसल जमीन पर गिरने का खतरा बढ़ गया है। वहीं बारिश के कारण पकी फसल की कटाई में बाधा आएगी जबकि गन्ना और पशुचारा आदि की फसल को इस बारिश से लाभ मिलने की उम्मीद है।
मौसम विभाग का अनुमान
नवरात्र और दशहरा का पर्व में बारिश नहीं हुई है लेकिन अब अचानक मौसम बदल गया। अभी एक दो दिन मौसम ऐसा ही बना रहेगा। उत्तर भारत में मानसून की बारिश के लिए जिम्मेदार दक्षिण पश्चिम मानसून के वापसी की बात कही थी। देश में दक्षिण पश्चिम मानसून के पूरी तरह वापसी की तिथि 15 दिसंबर निर्धारित की है। मानसून के वापसी के बाद वातावरण में व्याप्त नमी काफी हद तक दूर हो जाएगी। इसी के दास गुलाबी सर्दी के दस्तक देने की संभावना बन जाएगी। अब मौसम में परिवर्तन देखने को मिलेगा, धीरे-धीरे सर्दी बढ़ने लगेगी।