• आखिरकार पुलिस को रह रह कर धारा जोड़ने की क्या जरूरत पड़ी,किसके दबाव अथवा कौन सी जांच के बाद जुड़ी एट्रोसिटी की धारा?
• पूरे खेल में पर्दे के पीछे है कौन राजदार?
• स्पेशल इन्वेस्टिगेशन से आये वो सच सामने,पुलिस भी खुलकर बताये कि इनसाइड में है कौन?
बिलासपुर। सिम्स में टेक्नीशियन के साथ कथित दुर्व्यवहार के मामले में कांग्रेस नेता पंकज सिंह के खिलाफ सिटी कोतवाली पुलिस द्वारा एट्रोसिटी एक्ट की धारा जोड़े जाने के बाद एक बार फिर से सूबे में राजनीति गर्म हो गई है। इसे बदले की कार्यवाही बताया जा रहा है। मालूम हो कि इलाज में लापरवाही के लिए हुए विवाद के बाद तत्कालीन जो बर्ताव पुलिस ने किया उसका पहले भी अनेक समाजिक, व्यापारिक, राजनीतिक दलों के लोग एकजुट हो विरोध कर चुके है उसके बावजूद अचानक गंभीर धारा बढ़ाने का मामला अब गर्माने लगा है जिससे पूरी तरह राजनीतिक दुर्भावना से प्रेरित बताया जा रहा है।
बता दें सिम्स में रेडियोलॉजिस्ट तुला चंद तांडे द्वारा मरीज से सहयोग
नहीं करने पर कांग्रेस नेता द्वारा दबाव बनाए जाने के खिलाफ सिम्स के कर्मचारियों ने लामबंद होते हुए कोतवाली थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। उस वक्त केवल मारपीट का आरोप लगाया गया था, जिसमें जातिगत आक्षेप की शिकायत नहीं थी।बावजूद इसके अब पंकज सिंह के खिलाफ एट्रोसिटी की धारा जोड़े जाने को नैतिक रूप से गलत बताया जा रहा है। 18 सितंबर की रात सिम्स में एमआरआई करने वाले टेक्नीशियन द्वारा तरह-तरह के बहाने बनाए जाने के बाद परिजनों ने कांग्रेस नेता पंकज सिंह को मौके पर बुलाया था । इनके द्वारा दबाव बनाए जाने पर मरीज का एमआरआई हो पाया था लेकिन होम करते पंकज सिंह ने अपने हाथ जला लिए और इस मामले में उनके खिलाफ सिटी कोतवाली थाने में मामला दर्ज हो गया। माना यह भी जा रहा है कि बिलासपुर शहर की राजनीति में ही अलग थलग एक गुट विशेष के लोगो द्वारा कांग्रेस नेता पंकज सिंह के खिलाफ राजनैतिक हत्या का षडयंत्र किया जा रहा है।कानून के जानकार सुदीप श्रीवास्तव ने इसे हैरान करने वाला मामला बताते हुए अब जोड़े गए एट्रोसिटी एक्ट को विलोपित करने की मांग की है। सुदीप श्रीवास्तव ने इसे हैरान करने वाला मामला बताते हुए अब जोड़े गए एट्रोसिटी एक्ट को विलोपित करने की मांग की है। दावा किया जा रहा है कि पिछले ढाई महीने तक कोतवाली पुलिस ने इस मामले की जांच की। इसके बाद शुक्रवार को इस मामले में एट्रोसिटी एक्ट की धारा जोड़ी गई। इसके अलावा पंकज सिंह के खिलाफ धारा 294 और 323 का मामला भी पंजीबद्ध है। इसी मुद्दे पर 22 सितंबर को कांग्रेस के एक गुट ने कोतवाली थाने का घेराव किया था। दुःख का विषय यह है कि मसानगंज निवासी चुटू अवस्थी के जिस भाई के उपचार के लिए यह पूरा प्रकरण हुआ उनकी कुछ दिनों बाद मौत हो गई थी। लेकिन इस मामले में आरोपी बनाए जाने के बाद पंकज सिंह ने अग्रिम जमानत ले ली है। मगर गंदी सोंच रखने वालों ने जब पुराने मुकदमे में जमानत मिलते देख एट्रोसिटी का नया खेल खेला और कार्यवाही की गई।