• बुरा हाल में चल रही मुंगेली जिला प्रशासन
• राजस्व विभाग द्वारा बकाया राशि की आड़ में चोरों जैसा सलूक किया जा रहा
• ट्रेजरी,डायवर्सन शाखा में आपसी तालमेल नही होने से शुल्क अदायगी के बावजूद नोटिस मिल रही
मुंगेली। मुंगेली जिला प्रशासन के कामकाज में सब कुछ ठीक चल रहा यह कहना मुश्किल जैसा लग रहा है। औपचारिक बैठकों के अलावा जिला प्रशासन की विशेष कोई उपलब्धि नही दिख रही। आम जनजीवन में लोगो की रोजमर्रा की परेशानी तो है ही उसके बावजूद डायवर्सन शुल्क जमा होने के बावजूद लाखो बकाया का नोटिस लोगो का जीना हराम कर दिया है जबकि बकाया दिख रही राशि जमा होने के बावजूद डायवर्सन शाखा व ट्रेजरी विभाग के आपसी तालमेल नही होने के कारण लोगो का राजस्व रेकॉर्ड में बकाया दिख रहा फिर उसके बाद क्या राजस्व की टीम तैयार है नोटिस पर नोटिस व दुर्व्यवहार करने मगर विभाग को लगातार ताक़ीद करने के बावजूद यह घोर लापरवाही होने के बावजूद आपसी तालमेल नही बैठाया जा रहा है जिससे लोग अपने दैनिक जीवन के कामकाज छोड़ जिला प्रशासन की नजर में चोरों जैसा दिख रहे आम लोग अपनी जमा रसीद व सभी दस्तावेज सहित विभाग का चक्कर लगाते डायवर्सन शुल्क जमा होने की सफाई दे रहे हैं। ऐसे में जिला प्रशासन कितना अपने कामकाज में सजग है समझ से परे नजर आ रहा है।
नजूल सरकार की खरीदी जमीनों पर भी सड़कछाप बाहुबलियों का आतंक
बता दें हाल में वर्षो से नजूल की जमीनों में काबिज लोगो को जमीन बिक्री कर शासन में समाधान और स्थायी हल का रास्ता निकाला मगर मुंगेली शहर के भीतर अधिकांश जमीनों पर अब कुछ सत्तारूढ़ दल के नेतानुमा लोग अपने दबाव से जगह पर नया विवाद व बखेड़ा कर पैसों की मांग कर क्रय किए लोगो को धमकी दे रहे है पैसे की मांग के अलावा आत्महत्या व अन्य हथकण्डे अपना लोगो को परेशान करने लगे हुए हैं। शहर भीतर कुछ ऐसे टुच्चे किस्म के लोग दलाली करते अधिकारियों पर सत्तारूढ़ दल के हवाले से दबाव बनाने अथवा लोगो को सामने कर आत्महत्या अथवा अन्य बहाने परेशान करने का नया खेल खेला जा रहा है जिसके बाद लाखो करोड़ो रूपये लगा देने के बावजूद लोग जिला प्रशासन के दफ्तर चक्कर लगाने मजबूर है उपर से रोड छाप लोग सत्तारूढ़ दल के आड़ में विवाद खड़ा करने लगे हुए है। क्या ऐसे लोगो को सुधारने जिला प्रशासन सक्षम नही अथवा ये लोगो के आतंक के लिए कोई स्थायी समाधान कार्यवाही कर निकलना नही चाह रही। बहरहाल नजूल सरकार के बाद शहर के शांतिपूर्ण माहौल खराब करने कुछ लोग सत्तारूढ़ दल के नेता होने की आड़ में कलेक्टोरेट, तहसील अथवा लोगो के बीच तरह तरह से माहौल खराब कर अपनी रोजी रोटी चमकाने लगे हुए हैं।