मेरठ – भारत के इतिहास में मेरठ का स्थान सिर्फ एक शहर का नहीं है , बल्कि मेरठ हमारी संस्कृति और सामर्थ्य का भी महत्वपूर्ण केन्द्र है। मेरठ के इस क्षेत्र ने स्वतंत्र भारत को भी नई दिशा देने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। राष्ट्र रक्षा के लिये सीमा पर बलिदान हो या फिर खेल के मैदान में राष्ट्र के लिये सम्मान , राष्ट्र भक्ति की अलख को इस क्षेत्र ने सदा सर्वदा प्रज्ज्वलित रखा है।
उक्त बातें प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज उत्तरप्रदेश को मेजर ध्यानचंद स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी की सौगात देते हुये कही। उन्होंने कहा कि मेरठ देश की एक और महान संतान मेजर ध्यानचंद जी की भी कर्मस्थली रहा है। कुछ महीने पहले केंद्र सरकार ने देश के सबसे बड़े खेल पुरस्कार का नाम दद्दा के नाम पर किया था। आज मेरठ की स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी मेजर ध्यानचंद जी को समर्पित की जा रही है। इसके अलावा नूरपुर ने चौधरी चरण सिंह जी के रूप में देश को एक विजनरी नेतृत्व भी दिया। मैं इस प्रेरणास्थली का वंदन करता हूं , मेरठ और इस क्षेत्र का अभिनंदन करता हूं।
पीएम मोदी में अपने संबोधन की शुरुआत नववर्ष की बधाई से की। उन्होंने आगे कहा कि साल की शुरुआत में मेरठ आना अपने आप में मेरे लिये बहुत अहम है। फिर उन्होंने कहा कि बाबा औघड़नाथ मंदिर से जो आजादी की ललकार उठी और दिल्ली कूच किया। आज उन्हीं की याद में आजादी का अमृत मोहत्सव मना रहे हैं। यहां आने से पहले मुझे औघड़नाथ मंदिर जाने का अवसर मिला। शहीद स्मारक के स्वतंत्रता संग्राम संग्रालय में उस अनुभूति को महसूस किया। जिसने मेरठ और आसपास के इस क्षेत्र ने स्वतंत्र भारत को भी नई दिशा देने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। युवाओं को संबोधित करते हुये पीएम ने कहा मैं उत्तरप्रदेश के नौजवानों को यूपी की पहली स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी के लिये बहुत-बहुत बधाई देता हूं। यह आधुनिक दुनिया की श्रेष्ठ स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी में से एक होगी।
उन्होंने कहा युवा नये भारत का कर्णधार भी है , विस्तार भी है। युवा नये भारत का नियंता भी है और नेतृत्वकर्ता भी है। हमारे आज के युवाओं के पास प्राचीनता की विरासत भी है , आधुनिकता का बोध भी है। इसलिये जिधर युवा चलेगा उधर भारत चलेगा और जिधर भारत चलेगा उधर ही अब दुनियां चलने वाली है। पीएम मोदी ने कहा कि पहले की सरकारों में यूपी में अपराधी अपना खेल खेलते थे , माफिया अपना खेल खेलते थे। पहले यहां अवैध कब्जे के टूर्नामेंट होते थे , बेटियों पर फब्तियां कसने वाले खुलेआम घूमते थे। हमारे मेरठ और आसपास के क्षेत्रों के लोग कभी भूल नहीं सकते कि लोगों के घर जला दिये जाते थे और पहले की सरकार अपने खेल में लगी रहती थी। पहले की सरकारों के खेल का ही नतीजा था कि लोग अपना पुश्तैनी घर छोड़कर पलायन के लिये मजबूर हो गये थे।
पीएम मोदी ने कहा कि अब योगी की सरकार ऐसे अपराधियों के साथ जेल-जेल खेल रही है। पांच साल पहले इसी मेरठ की बेटियां शाम होने के बाद अपने घर से निकलने से डरती थीं। आज मेरठ की बेटियां पूरे देश का नाम रौशन कर रही हैं। अपने संबोधन के दौरान पीएम मोदी ने विपक्ष पर हमले करते हुये कहा कि पहले जो सत्ता में थे उन्होंने गन्ना का भुगतान रोक-रोक देते थे। योगी सरकार में गन्ने का बकाया भुगतान जितना हुआ है ।
उतना कभी नहीं हुआ – चीनी मिले कौड़ियों के भाव बेची जाती थीं। अब चीनी मिले खोली जाती हैं , अब यूपी एथनॉल के उत्पादन में भी अव्वल बन रहा है और बारह हजार करोड़ रुपये का एथनॉल अकेले यूपी से खरीदा गया है। मोदी ने कहा कि आज योगी की सरकार युवाओं की रिकॉर्ड सरकारी नियुक्तियां कर रही है , आईटीआई से ट्रेनिंग पाने वाले हजारों युवाओं को बड़ी कंपनियों में रोज़गार दिलवाया गया है। नेशनल अप्रेंटिसशिप योजना हो या फिर प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना , लाखों युवाओं को इसका लाभ दिया गया है। सरकारों की भूमिका अभिभावक की तरह होती है। योग्यता होने पर बढ़ावा भी दे और गलती होने पर ये कहकर ना टाल दे कि लड़कों से गलती हो जाती है।
उन्होंने आगे कहा कि देश में खेलों के लिये जरूरी है कि हमारे युवाओं में खेलों को लेकर विश्वास पैदा हो , खेल को अपना प्रॉफ़ेशन बनाने का हौसला बढ़े। यही मेरा संकल्प भी है और सपना भी। मैं चाहता हूँ कि जिस तरह दूसरे प्रॉफ़ेशन्स हैं , वैसे ही हमारे युवा स्पोर्ट्स को भी देखें। उन्होंने कहा खिलाड़ियों को संसाधन चाहिये , ट्रेनिंग की आधुनिक सुविधायें चाहिये , अंतर्राष्ट्रीय एक्सपोजर चाहिये और खिलाड़ियों को चयन में पारदर्शिता चाहिये। हमारी सरकार ने बीते वर्षों में भारत के खिलाड़ियों को ये चार शस्त्र जरूर मिलें , इसे सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। उन्होंने कहा कि खेलो इंडिया के माध्यम से सरकार द्वारा खिलाड़ियों को संसाधन दिये जा रहे हैं और देश के कोने-कोने से टैलेंट को सामने लाया जा रहा है।
भारत विकास की ओर अग्रसर — सीएम योगी
प्रधानमंत्री के संबोधन से पहले सीएम योगी आदित्यनाथ ने माइक संभाला और मेरठ की जनता को संबोधित किया। इस दौरान सीएम योगी ने सभा को संबोधित करते हुये कहा कि देश के सर्वोच्च खेल पुरस्कार का नाम मेजर ध्यानचंद के नाम पर रखने के लिए मैं उनका आभारी हूं , उन्हीं के नाम पर प्रदेश की पहली स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी का नाम भी रखा जा रहा है। खेलो इंडिया के माध्यम से युवा खिलाड़ियों को आगे बढ़ने का रास्ता दिखाया गया है , इसका परिणाम हमें टोक्यो ओलिंपिक और पैरा ओलिंपिक में भी देखने को मिला है। पीएम मोदी ने जीतने वाले हर खिलाड़ी से व्यक्तिगत मुलाकात की और उन्हें मार्गदर्शन भी दिया।
सीएम योगी ने आगे कहा कि ओलिंपिक , एशियाई गेम्स या फिर कॉमनवेल्थ गेम्स में जो भी खिलाड़ी अच्छा प्रदर्शन करेगा उन्हें सरकारी सेवाओं में मौका दिया जायेगा। सीएम ने कहा कि मेरठ में स्पोर्ट्स का सामान बनता है और दुनियां भर के खिलाड़ी यहां के बल्लों से खेलते हैं। योगी ने कहा कि प्रदेश में खेल प्रतिस्पार्दाओं को बढ़ाने के लिये हमारी सरकार अनेक काम किये हैं। सीएम ने कहा कि भारत विकास की ओर चल पड़ा है , प्रदेश में पांच साल में हर क्षेत्र में विकास हुआ है।
पीएम मोदी ने हमेशा खिलाड़ियों को उत्साह बढ़ाया है . मैं प्रधानमंत्री जी का आभारी हूं जिन्होंने देश के सर्वोच्च खेल पुरस्कार खेल रत्न का नाम हॉकी के जादूगर कहे जाने वाले मेजर ध्यानचंद के नाम पर रखा। उन्होंने कहा कि उत्तरप्रदेश सरकार ने प्रदेश में एकलव्य क्रीड़ा कोच की भी स्थापना की है , जो खिलाड़ियों को राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय प्रतिस्पर्धाओं के लिये कोचिंग देने काम करेगा. साथ ही उन्हें फेलोशिप देने और उन्हें हर प्रकार का उत्तम माहौल देने का कार्य भी करेगा।
गौरतलब है कि क्रीम कलर का कुर्ता , जैकेट पहने और शाल ओढ़कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस-वे से मेरठ पहुंचे। उनका कार्यक्रम अंतिम समय में बदल गया। पहले उन्हें हेलीकॉप्टर के जरिये यहां पहुंचना था लेकिन मौसम खराब होने की वजह से ऐन वक्त पर कार्यक्रम में बदलाव हो गया। मेरठ पहुंचकर पीएम ने औघड़नाथ मंदिर और काली पल्टन मंदिर में पूजा-अर्चना की। कोरोना प्रोटोकॉल के मद्देनजर मंदिर के सभी पुजारियों का आरटीपीसीआर टेस्ट किया गया था।
मेरठ छावनी स्थित यह मंदिर भगवान शिव को समर्पित है। ब्रिटिश शासनकाल में भारतीय सैनिकों को काली पल्टन कहा जाता था , इसी मंदिर के आसपास भारतीय सैनिकों के रहने के कारण ही इस मंदिर को काली पल्टन मंदिर के नाम से पुकारा जाने लगा। वहीं बाबा औघड़नाथ मंदिर भारत के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम के उद्गम स्थल के तौर पर विश्व विख्यात है। मंदिर में स्वयंभू शिवलिंग है। आजादी के 75वें वर्ष में पहली बार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी क्रांतिधरा के इतिहास को संजोये इस मंदिर में दर्शन-पूजन किये। यहां से वे क्रांति धरा मेरठ पर शहीद स्मारक पहुंचे और मंगल पांडेय सहित सभी शहीद क्रांतिकारियों को नमन कर श्रद्धांजलि देने के बाद राजकीय स्वतंत्रता संग्राम संग्रहालय में 1857 की क्रांति की घटना और वीरों की गाथा से रूबरू हुये। यह इकलौता ऐसा संग्रहालय है ।
जहां देश की आजादी के लिये लड़ी गई लड़ाई से संबंधित पत्रों की प्रतियां , सैनिकों की वर्दियां व अन्य दुर्लभ वस्तुयें मौजूद हैं। उन्होंने अमर जवान ज्योति को शीश नवाकर पुष्प अर्पित कर जनसभा स्थल के लिये रवाना हो गये। फिर कार्यक्रम स्थल पर खिलाड़ियों से बातचीत के बाद मेरठ में बनने वाले विभिन्न खेल उत्पादों की प्रदर्शनी का निरीक्षण करने के दौरान पीएम मोदी ने मशीन के बारे में जानकारी लेते हुये व्यायाम करने वाली मशीन पर भी हाथ आजमाया। इसके बाद वे मंच पर पहुंचे , यहां जोरदार तालियों के साथ मेरठ की जनता ने पीएम मोदी का स्वागत किया। पीएम ने मंच से हाथ हिलाकर लोगों का अभिवादन किया। यहां से पीएम ने उत्तरप्रदेश को 700 करोड़ की लागत से लगभग 91.38 एकड़ भूमि पर बनने वाले मेजर ध्यानचंद खेल विश्वविद्यालय का तोहफा दिया और जनसभा को संबोधित किया। खेल विश्वविद्यालय की आधारशिला रखने के बाद प्रधानमंत्री ने देश भर से आये खिलाड़ियाें में से ओलंपियन और पैरा ओलंपियन खिलाड़ियों से संवाद किया। पीएम मोदी जिस रास्ते गुजरे वहां लोगों की भीड़ उमड़ी , लोग एक झलक पाने को बेताब दिखे। मोदी ने भी गाड़ी से हिलाकर लोगों का अभिवादन स्वीकार किया।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम
पीएम की सुरक्षा में 02 एडीजी , 02 आईजी , 08 एसएसपी/एसपी , 14 एएसपी , 30 सीओ , 50 इंस्पेक्टर , 200 दरोगा , 800 कॉन्स्टेबल , 100 महिला कॉन्स्टेबल और पैरा मिलिट्री की तीन और पीएसी की भी तीन कंपनियां तैनात की गयी थीं। मंच से लेकर मार्ग तक के लिये सुरक्षा के कड़े इंतजाम किये गये थे। एसपीजी , बम निरोधक दस्ते , एनडीआरएफ की टीमें समेत केंद्र और राज्य की एजेंसियों ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किये थे। आयोजन स्थल पर एक हजार से ज्यादा उत्तरप्रदेश पुलिस के जवानों को भी तैनात किया गया था। कोरोना प्रोटोकॉल के मद्देनजर सड़कों से लेकर परिसर तक को सैनिटाइज किया गया था। पीएम के दौरे के मद्देनजर खतौली से मेरठ गंगनहर मार्ग पूरी तरह से बंद कर दिया गया था , वहीं रैली में जाने वाले वाहनों के लिये भीअलग मार्ग निर्धारित था।
विभिन्न सुविधाओं से होगी लैस
इस खेल विश्वविद्यालय में सिंथेटिक हॉकी, फुटबॉल, बास्केटबॉल, वॉलीबॉल, हैंडबॉल और कबड्डी के मैदानों के साथ ही आधुनिक उपकरण और उच्च स्तरीय खेल संसाधन होंगे। साथ ही इसमें लॉन टेनिस कोर्ट, जिम, दौड़ के लिये सिंथेटिक स्टेडियम , स्वीमिंग पूल सहित अन्य सुविधायें भी होंगी।प्रधानमंत्री कार्यालय से मिली जानकारी के मुताबिक इस विश्वविद्यालय में 540 पुरुष और 540 महिलाओं समेत 1080 खिलाड़ियों के प्रशिक्षण की व्यवस्था होगी। प्रधानमंत्री कार्यालय द्वारा जारी आधिकारिक बयान में कहा गया है कि विश्वविद्यालय मेरठ सलावा और कैली गांवों को कवर करने वाले क्षेत्र में लगभग 700 करोड़ की अनुमानित लागत से स्थापित किया जायेगा। चुनाव वाले राज्य में मेजर ध्यानचंद स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी की स्थापना प्रधानमंत्री के देश के सभी हिस्सों में खेल संस्कृति को विकसित करने और विश्व स्तरीय खेल बुनियादी ढांचे की स्थापना के दृष्टिकोण के अनुरूप होगी।
कौन है मेजर ध्यानचंद ?
स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी का नाम हॉकी के दिग्गज मेजर ध्यानचंद के नाम पर रखा गया है , जिन्होंने वर्ष 1928 , 1932 और 1936 में भारत को तीन ओलंपिक स्वर्ण पदक दिलाने में मदद की थी। उन्हें वर्ष 1956 में पद्म भूषण से सम्मानित किया गया था। साथ ही उनके जन्मदिन वाले दिन 29 अगस्त को राष्ट्रीय खेल दिवस के रूप में मनाया जाता है। नया खेल स्टेडियम सिंथेटिक हॉकी ग्राउंड, फुटबॉल ग्राउंड , बास्केटबॉल के लिये अलग मैदान , वॉलीबॉल, हैंडबॉल और कबड्डी सहित अत्याधुनिक खेल बुनियादी ढांचे से लैस होगा।